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TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया: ग्रीन स्टील की नई क्रांति

On: March 21, 2026 5:09 PM
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TATA स्टील ने सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लुधियाना में TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया। यह प्लांट प्रति टन स्टील पर CO₂ उत्सर्जन को 0.3 टन से कम रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पर्यावरण के लिए एक वरदान है। ₹3,200 करोड़ के निवेश से बने इस प्लांट की क्षमता 0.75 मिलियन टन सालाना है। आज हम इस ऐतिहासिक उद्घाटन, इसके फायदों, तकनीक और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से बात करेंगे। TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया – यह खबर न सिर्फ उद्योग जगत बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

TATA उद्घाटन समारोह बड़े नेताओं की मौजूदगी में ऐतिहासिक क्षण

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20 मार्च 2026 को मुंबई से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान और TATA स्टील के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया। सीईओ टी. वी. नरेंद्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। चंद्रशेखरन ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी अब राष्ट्रीय जरूरत है और यह प्लांट TATA ग्रुप की प्रतिबद्धता दिखाता है। नरेंद्रन ने पंजाब सरकार के सहयोग की सराहना की और 2045 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य का जिक्र किया। TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया – लुधियाना की हाई-टेक वैली अब ग्रीन स्टील का हब बन गई है।

यह प्लांट पारंपरिक भट्टियों से अलग है, जहां कोयला या आयरन ओर की बजाय 100% स्क्रैप का इस्तेमाल होता है। लगभग 50% नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाला यह संयंत्र रोहतक के रीसाइक्लिंग प्लांट से 40% स्क्रैप लेगा। इससे संसाधनों की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा।

तकनीकी विशेषताएं कम CO₂ उत्सर्जन का राज़ क्या है?

THE NEWS FRAME

TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया, जो इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) तकनीक पर आधारित है। EAF में बिजली की ऊंची वोल्टेज से स्क्रैप पिघलाया जाता है, जो पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस से 70-80% कम ऊर्जा लेता है। यहां प्रति टन स्टील पर CO₂ सिर्फ 0.3 टन से कम है, जबकि पुरानी विधि में 2 टन तक होता है।

प्लांट TATA टिस्कॉन’ ब्रांड के तहत कंस्ट्रक्शन रिबार बनाएगा, जो निर्माण उद्योग के लिए सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल होगा। सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देते हुए स्क्रैप रीसाइक्लिंग पर फोकस है। यह भारत की स्टील इंडस्ट्री को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया से नेट ज़ीरो की राह आसान हो गई।

EAF vs पारंपरिक फर्नेस एक तुलना

विशेषताEAF (टाटा स्टील लुधियाना)पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस
कच्चा माल100% स्क्रैपआयरन ओर + कोयला
CO₂ उत्सर्जन (टन/टन)<0.31.8-2.0
ऊर्जा स्रोत50% नवीकरणीयकोक कोयला
उत्पादन क्षमता0.75 मिलियन टन/वर्षअधिक लेकिन प्रदूषणपूर्ण
लागतकम दीर्घकालिकउच्च
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पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यह प्लांट 2045 नेट ज़ीरो लक्ष्य का बड़ा स्टेप है। कम उत्सर्जन से भारत का कार्बन फुटप्रिंट घटेगा, जो COP सम्मेलनों में हमारी स्थिति मजबूत करेगा। आर्थिक रूप से 2,500+ नौकरियां पैदा होंगी। पंजाब में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा। TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया से स्क्रैप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री बूम करेगी।

TATA स्टील फाउंडेशन ने पिछले तीन सालों में लुधियाना के आसपास स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर काम किया। आईटीआई छात्रों को ट्रेनिंग, सोलर लाइट्स, जलवायु-अनुकूल खेती, कचरा प्रबंधन जैसी योजनाएं चलाईं। छात्रवृत्ति और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में पर्यावरण शिक्षा शामिल की। इससे स्थानीय समुदाय मजबूत होगा।

भारत की स्टील इंडस्ट्री में नया दौर चुनौतियां और अवसर

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक है, लेकिन उत्सर्जन उच्च है। TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया अन्य कंपनियों के लिए मिसाल बनेगा। JSW, सागर कोट्स जैसे ग्रुप भी EAF की ओर रुख कर रहे हैं। चुनौतियां? स्क्रैप की कमी और क्वालिटी कंट्रोल। लेकिन रोहतक जैसे प्लांट इसे हल करेंगे।

सरकार की PLI स्कीम और ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी से सपोर्ट मिलेगा। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में ग्रीन स्टील की मांग बढ़ेगी। निर्यात में भी फायदा। यह सर्कुलर इकोनॉमी को प्रमोट करेगा, जहां कचरा संसाधन बनेगा।

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TATA स्टील की सस्टेनेबिलिटी यात्रा: एक झलक

  1. 2045 नेट ज़ीरो कमिटमेंट।
  2. रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस।
  3. स्क्रैप रीसाइक्लिंग नेटवर्क विस्तार।
  4. सामुदायिक विकास पर निवेश।

भविष्य की संभावनाएं ग्रीन स्टील से कैसे बदलेगा भारत?

TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया से TATA स्टील सेक्टर में क्रांति आएगी। आने वाले सालों में EAF क्षमता दोगुनी हो सकती है। EV, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में डिमांड बढ़ेगी। पंजाब जैसे राज्य निवेशकों को आकर्षित करेंगे। युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग के अवसर। पर्यावरणीय रूप से भारत ग्लोबल लीडर बनेगा।

यह प्लांट साबित करता है कि प्रॉफिट और प्लैनेट दोनों साथ चल सकते हैं। TATA की विरासत को नई ऊंचाई मिली।

पिछले तीन वर्षों में, कंपनी ने टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से लुधियाना स्थित प्लांट के आसपास के समुदायों के साथ साझेदारी करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा दिया है।

TATA स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया – यह पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और समाज के लिए मील का पत्थर है। कम उत्सर्जन, रीसाइक्लिंग और कम्युनिटी डेवलपमेंट से TATA ने लीडरशिप दिखाई। सरकार-उद्योग साझेदारी से भारत ग्रीन स्टील हब बनेगा। आइए, हम सब मिलकर सस्टेनेबिलिटी अपनाएं। अधिक अपडेट्स के लिए बने रहें।

मुख्य पहलों में स्थानीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के छात्रों के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों की शुरुआत, सोलर ऊर्जा से संचालित स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना, जलवायु-संवेदनशील कृषि पद्धतियों को बढ़ावा, सामुदाय आधारित कचरा प्रबंधन प्रणालियों का निर्माण, स्कूलों के शिक्षण और बुनियादी अवसंरचना में पर्यावरणीय दृष्टिकोण का समावेश, तथा मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति सहायता प्रदान करना शामिल है।

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