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Varanasi Shooting Incident: यूपी कॉलेज में प्रिंसिपल के सामने छात्र सूर्य प्रताप को 8 गोलियां, कैंपस में फैला आक्रोश

On: March 21, 2026 2:27 PM
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Varanasi Shooting Incident: वाराणसी के प्रतिष्ठित उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में शुक्रवार सुबह एक दिनदहाड़ा और बेहद दर्दनाक घटना हुई, जहां बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह को प्रिंसिपल के सामने ही गोलियों से भून दिया गया। 8 गोलियां मारकर उसे कैंपस के भीतर ही मौत के घाट उतार दिया गया, जिसके बाद पूरा कॉलेज परिसर आक्रोश और भय के वातावरण में बदल गया।

Varanasi Shooting Incident : घटना का क्रम

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सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 10:30 बजे उदय प्रताप कॉलेज के प्रशासनिक कक्ष या निकटवर्ती क्लासरूम में बीएससी के अंतिम वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह और सहपाठी मंजीत चौहान के बीच विवाद चल रहा था। इस विवाद का निपटारा कॉलेज प्रबंधन के सामने हो रहा था, जिसमें प्रिंसिपल और कुछ अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। तभी अचानक बातचीत बढ़ते ही मंजीत ने अपने पास रखी पिस्टल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सूर्य प्रताप को करीब 8 गोलियां लगीं; आंकड़ों के अनुसार 4 गोलियां सीने में और 4 गोलियां कनपटी के पास लगीं। सूर्य प्रताप तत्काल गंभीर हालत में कॉलेज के भीतर ही गिर पड़े और बाद में मौके पर ही दम तोड़ दिया।

आरोपी और शुरुआती जांच

घटना के बाद आरोपी मंजीत चौहान और उसका साथी अनुज ठाकुर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराएं दर्ज कर ली गई हैं। शुरुआती जांच में पुलिस इस वारदात को छात्र–गुटों के बीच पुराने विवाद और तनाव के संदर्भ में देख रही है। बताया जा रहा है कि सूर्य प्रताप और मंजीत पहले से ही एक–दूसरे से ठीक नहीं थे, लेकिन इतना भयानक नतीजा किसी ने नहीं सोचा था।

कैंपस में भय और बवाल

गोलीबारी के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। छात्रों ने कॉलेज के भीतर ही तोड़फोड़ शुरू कर दी; कुछ दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना में एक अध्यापक भी घायल हो गया, जिसके सिर पर चोट लगने से उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और कैंपस को खाली कराने का प्रयास किया, क्योंकि वहां बार‑बार टकराव और अशांति की आशंका दिखने लगी थी।

पीड़ित परिवार का दर्द

सूर्य प्रताप सिंह की उम्र बताई जा रही है करीब 20–22 वर्ष के बीच। वह वाराणसी के बाहर से आए एक साधारण पृष्ठभूमि के परिवार से था और कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। उसके परिवार ने घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि बिना तलाशी के कैसे कोई छात्र कॉलेज के भीतर तक पिस्टल लेकर कैसे पहुंच गया, यह एक बड़ा प्रश्न बन गया है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय और कड़ी से कड़ी सजा की मांग है।

आलोचना और राजनीतिक प्रतिक्रिया

सूर्य प्रताप की हत्या ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में चौंकाने वाली प्रतिक्रिया जगाई। छात्र संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और शासकीय उदासीनता पर निशाना साधा है। कई नेताओं ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए त्वरित न्याय और पूरे यूपी में कॉलेज कैंपसों की सुरक्षा समीक्षा की मांग की है। इस बीच पुलिस आगे की जांच में डिजिटल फुटेज, गवाहों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर केस को निर्धारित करने का प्रयास कर रही है।

संदेश

यह घटना न केवल एक युवा जीवन की बेमानी हत्या है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में बढ़ती हिंसा, छात्र–छात्र और छात्र–प्रशासन के बीच कमजोर संवाद और सुरक्षा तंत्र की गंभीर जांच की मांग को भी बल देती है। सूर्य प्रताप की मौत के बाद न केवल उसका परिवार बल्कि पूरा कॉलेज परिसर एक दर्दनाक सवाल पी रहा है: आखिर एक ऐसा अपराध कैसे संभव हो सकता है, जहां शिक्षा और सुरक्षा की जागरूकता की जगह नियंत्रणहीनता और अशांति छा गई है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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