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पाकिस्तान से आया RDX, शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े तीन युवक गिरफ्तार

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On: March 15, 2026 12:54 PM
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Pakistan
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अंबाला: हरियाणा के अंबाला जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बराड़ा इलाके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लगभग 1 किलो 975 ग्राम विस्फोटक सामग्री (RDX) बरामद हुई है।

जांच में सामने आया है कि यह विस्फोटक पाकिस्तान से भेजा गया था और इसके पीछे पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी हैंडलर शहजाद भट्टी का हाथ बताया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आरोपी इस विस्फोटक का इस्तेमाल पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बड़े धमाके करने के लिए करने वाले थे।

गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी

पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:

  • अली अकबर उर्फ बाबू – निवासी अजमेर (राजस्थान)
  • अनस रईस – निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश)
  • जंगबीर – निवासी कंबासी गांव, अंबाला (हरियाणा)

तीनों आरोपी बराड़ा क्षेत्र से बाइक पर विस्फोटक लेकर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें घेरकर गिरफ्तार कर लिया।

पाकिस्तान से अमृतसर होते हुए पहुंचा RDX

जांच में खुलासा हुआ है कि विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान से तस्करी के जरिये भारत लाई गई थी

सूत्रों के मुताबिक:

  • पाकिस्तान से RDX पहले पंजाब के अमृतसर पहुंचाया गया
  • वहां से यह अंबाला लाया गया
  • इसके बाद इसे अलग-अलग जगहों पर पहुंचाकर धमाके करने की योजना थी

पुलिस के अनुसार आरोपी इस विस्फोटक से कई धार्मिक और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी में थे

इन जगहों को निशाना बनाने की थी साजिश

पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार आरोपी निम्न स्थानों पर हमला करने की योजना बना रहे थे:

  • राजस्थान का हनुमानगढ़
  • अंबाला कैंट का तोपखाना क्षेत्र
  • मुलाना स्थित बाला सुंदरी मंदिर (नवरात्रि के दौरान)
  • एक प्रमुख नेता का घर
  • पठानकोट सैन्य क्षेत्र

यदि यह साजिश सफल हो जाती तो कई राज्यों में बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता था

सोशल मीडिया से शुरू हुआ आतंकी नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिये बनाया गया था

साजिश का तरीका

  1. लगभग डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क हुआ
  2. इसके बाद आरोपियों को सिग्नल ऐप पर जोड़ा गया
  3. वहीं से पूरी प्लानिंग और निर्देश दिए जाते थे
  4. लोकेशन और जानकारी व्हाट्सएप व सिग्नल के जरिए शेयर की जाती थी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों ने एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश की

चौथे संदिग्ध की भी तलाश

प्रारंभिक पूछताछ में एक चौथे आरोपी का नाम भी सामने आया है बताया जा रहा है कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को विस्फोटक से भरा बैग चौथे व्यक्ति को सौंपना था पुलिस अब उस संदिग्ध की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच

जांच एजेंसियों ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।

अब इन्हें फोरेंसिक लैब भेजा गया है, जहां से:

  • डिलीट की गई चैट
  • लोकेशन डेटा
  • संपर्क सूची
  • डिजिटल सबूत

रिकवर किए जाएंगे।

इससे पूरे आतंकी नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिलने की संभावना है।

पैसों का लालच देकर जोड़े गए युवक

पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है आरोपियों ने बताया कि उन्हें इस काम के लिए 50 से 60 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देने का लालच दिया गया था गिरफ्तार युवकों की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है।

आरोपियों की स्थिति

  • अनस रईस – मेरठ में सब्जी की रेहड़ी लगाता था
  • अली अकबर – बेरोजगार था
  • जंगबीर – स्थानीय युवक

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकियों ने आर्थिक रूप से कमजोर युवकों को पैसे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया

पंजाब पुलिस की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की अहम भूमिका रही

सूत्रों के अनुसार:

  • आरोपियों को लंबे समय से सर्विलांस पर रखा गया था
  • डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी
  • जैसे ही पुख्ता सूचना मिली, अंबाला STF ने कार्रवाई कर दी

इस तरह एक बड़ा आतंकी हमला होने से पहले ही रोक दिया गया।

पुराने मामलों से भी जुड़ रहे हैं तार

जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले के तार 10 जनवरी को हुए एक धमाके के प्रयास से भी जुड़ सकते हैं

उस समय:

  • बलदेव नगर थाना क्षेत्र में विस्फोट की कोशिश हुई थी
  • साजिश में भी सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया गया था

अब पुलिस इन दोनों मामलों के बीच कनेक्शन तलाश रही है।

मालेरकोटला केस से भी संबंध की आशंका

पंजाब के मालेरकोटला में पहले गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों से भी इस मामले के संबंध होने की संभावना है।

उन आरोपियों के नाम थे:

  • फरहान अंजुम
  • अदनान खान उर्फ नानू
  • वारिस अली

सुरक्षा एजेंसियां अब इन दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही हैं।

अंबाला में पहले भी मिल चुका है RDX

यह पहला मौका नहीं है जब अंबाला में विस्फोटक बरामद हुआ हो।

पहले भी हुए ऐसे मामले

2011
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की पार्किंग से
लगभग 5.5 किलो RDX और डेटोनेटर बरामद हुआ था।

2022
अंबाला-चंडीगढ़ रोड पर
3 ग्रेनेड और 1.6 किलो IED विस्फोटक मिला था।

2025
पाकिस्तान को जानकारी भेजने के आरोप में
अंबाला के सबगा गांव से एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ था

इन घटनाओं के कारण अंबाला को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कत इस ताजा मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कई कदम उठाए हैं:

  • सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई
  • रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सुरक्षा कड़ी की गई
  • धार्मिक स्थलों और सैन्य क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाई गई
  • सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है

विशेषज्ञों की राय

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अब आतंकवादी संगठन सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर नए युवकों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए डिजिटल निगरानी और साइबर इंटेलिजेंस को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है अंबाला में पकड़े गए तीन युवकों की गिरफ्तारी से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई यदि समय रहते सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई नहीं करतीं तो कई राज्यों में गंभीर नुकसान हो सकता था।

यह मामला इस बात का भी संकेत देता है कि आतंकवादी संगठन अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है

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