चाईबासा (जय कुमार): श्री मारवाड़ी हिंदी मिडिल स्कूल, चाईबासा के परिसर में स्वर्गीय सीताराम रुंगटा की 106वीं जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के हेडमास्टर निर्मल चंद्र त्रिपाठी द्वारा स्वर्गीय सीताराम रुंगटा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों और छात्रों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में हेडमास्टर श्री त्रिपाठी ने कहा कि स्वर्गीय सीताराम रुंगटा न केवल एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि एक दयालु समाज सेवक भी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज के सभी वर्गों को हर संभव सहायता प्रदान की। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने टाटा कॉलेज और विशेष रूप से महिलाओं की शैक्षिक उन्नति के लिए चाईबासा महिला कॉलेज जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि 1926 में स्थापित श्री मारवाड़ी हिंदी मिडिल स्कूल के गौरवशाली 100 साल के इतिहास में रुंगटा परिवार का योगदान सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। स्कूल को अपने निरंतर विकास में उनके दोनों बेटों का समर्थन मिलता रहता है।
यह उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय सीताराम रुंगटा को लोग प्यार से “सीता बाबू” कहते थे। उनका प्रेरणादायक व्यक्तित्व आज की युवा पीढ़ी के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक बना रहेगा। इस अवसर पर स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।













