
करमाटांड प्रखंड, जामताड़ा: करमाटांड प्रखंड के सीकरपोसनी पंचायत अंतर्गत सियाटांड़ और सिकरपोसनी गांवों को जोड़ने वाला पुल अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

यह पुल लगभग 25 वर्ष पूर्व बनाया गया था, लेकिन वर्षों से इसकी हालत जर्जर बनी हुई थी। बीती रात हुई भारी बारिश ने आखिरकार पुल को पूरी तरह ढहा दिया, जिससे दोनों गांवों के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं, स्कूली बच्चों की जान जोखिम में
इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। अब पुल टूटने से बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर किसी तरह कीचड़ और बहते पानी के सहारे पार कर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
कई बार उठी आवाज, नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल की दुर्दशा को लेकर पंचायत स्तर पर कई बार विरोध प्रदर्शन किए गए। मीडिया के माध्यम से भी यह मुद्दा कई बार उजागर हुआ, लेकिन प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर रोष है।
सरकार से गुहार – हादसे से पहले हो मरम्मत
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्या सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? ग्रामीणों ने पुल की त्वरित मरम्मत और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
विशेष बिंदु:
- 25 साल पुराना पुल अब पूरी तरह ध्वस्त
- स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर कर रहे पार
- कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत
- मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग










































