गया: बिहार के गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 करोड़ रुपये कीमत का हाईटेक गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) जब्त किया है। यह बरामदगी बैंकॉक से आई एक फ्लाइट के लावारिस बैग से हुई है। घटना के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं।
बैंकॉक से आई फ्लाइट से पहुंचे संदिग्ध बैग
जानकारी के अनुसार 14 मार्च को थाई एयरवेज की बैंकॉक से आया एक शेड्यूल विमान गया एयरपोर्ट पर उतरा था।
जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों की नजर दो संदिग्ध बैग पर पड़ी बैग की स्थिति और वजन को देखकर अधिकारियों को शक हुआ, जिसके बाद उन्हें निगरानी में रख लिया गया।
तीन दिन तक एयरपोर्ट पर पड़े रहे लावारिस बैग
चौंकाने वाली बात यह रही कि ये दोनों बैग लगातार तीन दिनों तक एयरपोर्ट पर लावारिस पड़े रहे और कोई भी यात्री उन्हें लेने नहीं आया इसके बाद कस्टम विभाग का शक और बढ़ गया और नियमों के तहत अधिकारियों ने बैग की तलाशी लेने का फैसला किया।
बैग से मिला 10 किलो हाइड्रोपोनिक वीड
तलाशी के दौरान बैग के अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (हाईटेक गांजा) बरामद हुआ।
- यह गांजा पारंपरिक तरीके से नहीं उगाया जाता
- इसे हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार किया जाता है
- इसकी गुणवत्ता और कीमत सामान्य गांजे से कई गुना ज्यादा होती है
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का शक
इतनी बड़ी बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
कस्टम विभाग का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार:
- एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं
- यह पता लगाया जा रहा है कि बैग एयरपोर्ट तक कौन लाया
- और उन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा
एयरपोर्ट की सुरक्षा और जांच व्यवस्था सख्त
इस घटना के बाद गया एयरपोर्ट पर:
- सुरक्षा जांच और कड़ी कर दी गई है
- कस्टम, पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही हैं
- संदिग्ध यात्रियों और बैगेज पर विशेष निगरानी रखी जा रही है
विश्लेषण: बिहार एयरपोर्ट बना ड्रग तस्करी का नया रूट?
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में एयरपोर्ट के जरिए ड्रग तस्करी के कई मामले सामने आए हैं।
इससे यह सवाल उठ रहा है गया एयरपोर्ट पर 10 करोड़ रुपये के हाईटेक गांजे की बरामदगी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के नेटवर्क की आशंका को भी बढ़ा दिया है। अब जांच एजेंसियां इस पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी हैं।








