जमशेदपुर : देश-दुनिया में अपनी बेहतरीन हास्य प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीतने वाले मशहूर हास्य कलाकार सौरभ चक्रवर्ती को आज जमशेदपुर में विशेष सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ (IPTA) द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।
सौरभ चक्रवर्ती, जिन्हें लोग मोटू-पतलू, ओगी, भाभी जी घर पर हैं जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों और हास्य भूमिकाओं में देखकर खूब पसंद करते हैं, जब मंच पर आए तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

माँ को समर्पित किया सम्मान
सम्मान पाकर भावुक हुए सौरभ चक्रवर्ती ने IPTA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परमानंद मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा—
“यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि मेरी माँ का है। मेरी माँ ही मेरी पूरी दुनिया हैं। जो भी मैंने पाया है, वही मेरी धड़कन हैं। मैं हर बेटे से कहना चाहता हूँ कि इस दुनिया में माँ से बढ़कर कोई नहीं है।”
दर्शकों से मिली खूब सराहना
उनके इस भावुक संबोधन के दौरान दर्शकों की आँखें भी नम हो गईं और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हास्य कलाकार सौरभ चक्रवर्ती ने यह साबित कर दिया कि असली कलाकार वही है, जो मंच पर केवल हँसी ही नहीं बल्कि भावनाओं की गहराई भी पहुँचा सके।
विशेष बिंदु
- कार्यक्रम का आयोजन IPTA (भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ) द्वारा किया गया।
- सौरभ चक्रवर्ती ने अपने सम्मान को माँ को समर्पित किया।
- मंच पर उन्होंने भावुक संदेश दिया—“माँ से बढ़कर कुछ नहीं।”
- उपस्थित लोगों ने उनके इस संदेश को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
सौरभ चक्रवर्ती : हास्य की दुनिया का चमकता सितारा
भारत के टीवी जगत और मंचीय हास्य प्रस्तुतियों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले सौरभ चक्रवर्ती आज देश-दुनिया में हँसी और खुशियों के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग, संवाद शैली और अभिनय ने उन्हें हर उम्र के दर्शकों का प्रिय कलाकार बना दिया है।
लोकप्रिय धारावाहिकों से मिली पहचान
सौरभ चक्रवर्ती कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों और कॉमिक शो का हिस्सा रहे हैं।
- मोटू पतलू (Cartoon/Voice)
- ओगी एंड द कॉकरोचेज़ (Oggy)
- भाभी जी घर पर हैं
- और अन्य कई हास्य आधारित टीवी शो
इन सभी में उन्होंने अपने अभिनय और वॉइस ओवर कला से दर्शकों को खूब हँसाया और मनोरंजन किया।
अभिनय शैली
उनकी खासियत है सहज और स्वाभाविक कॉमेडी। सौरभ चक्रवर्ती मंच पर हों या कैमरे के सामने, उनके हाव-भाव और चुटीले संवाद हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं। यही वजह है कि बच्चे, युवा और बुजुर्ग—सभी उनकी प्रस्तुतियों को पसंद करते हैं।
माँ के प्रति गहरा लगाव
व्यक्तिगत जीवन में सौरभ चक्रवर्ती अपनी माँ को सबसे बड़ी प्रेरणा मानते हैं। वे अक्सर कहते हैं कि “मेरी माँ ही मेरी दुनिया हैं। जो भी मैं हूँ, उन्हीं की वजह से हूँ।” हाल ही में जमशेदपुर में IPTA (भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया, जिसे उन्होंने अपनी माँ को समर्पित किया।
समाज के लिए प्रेरणा
सौरभ चक्रवर्ती सिर्फ एक कलाकार ही नहीं बल्कि प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व भी हैं। वे हमेशा यह संदेश देते हैं कि—
- माँ से बढ़कर इस दुनिया में कोई नहीं।
- कला का उद्देश्य केवल हँसाना नहीं बल्कि इंसानियत और रिश्तों की अहमियत समझाना भी है।
यह सम्मान समारोह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि कलाकार और समाज के रिश्ते की गहराई को दिखाने वाला पल साबित हुआ।








