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हाथियों के आतंक से दहशत में ग्रामीण– महिला की दर्दनाक मौत

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On: September 1, 2025 1:18 PM
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गिरिडीह/सरिया : सरिया अनुमंडल के ग्रामीण इलाकों में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार शाम लगभग 7:30 बजे घुठियापेसरा गाँव के जंगल में हाथियों का एक झुंड घुस आया। इसी दौरान खेत से धान निकालकर लौट रहीं दो महिलाएँ हाथियों की चपेट में आ गईं। इनमें से एक महिला किसी तरह जान बचाकर भाग निकली, जबकि दूसरी महिला किरण देवी (पत्नी – राजू यादव, उम्र – 28 वर्ष) हाथी के हमले की शिकार हो गईं और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का यह झुंड पिछले कई महीनों से सरिया अनुमंडल के विभिन्न गाँवों और बाज़ार क्षेत्रों में आतंक मचाता आ रहा है। हाथियों के हमले से अब तक कई बार घर, फसलें और यहाँ तक कि स्कूल भवन तक क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में घना और गहरा जंगल होने के कारण हाथियों का झुंड बार-बार यहाँ छिप जाता है, जिससे वन विभाग के लिए उन्हें खदेड़ना बड़ी चुनौती बन गया है।

विशेष बिंदु:

  • हाथियों के हमले में 28 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत
  • सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम 3 घंटे देर से पहुँची
  • ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही पर जताया आक्रोश
  • अंतिम संस्कार हेतु ₹25,000, शेष ₹3.75 लाख का मुआवजा देने का आश्वासन
  • प्रभावित गाँवों में सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की उठी मांग

घटनास्थल पर मातम, वन विभाग की लापरवाही उजागर

मृतका किरण देवी की मौत से पूरे गाँव में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मृतका के घर पहुँचे। स्थानीय मुखिया संजय उर्फ पिंटू यादव और पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि मुकेश यादव ने बताया कि हाथियों के गाँव में घुसने की सूचना वन विभाग को शाम 6 बजे ही दे दी गई थी, लेकिन विभागीय टीम रात 9:30 बजे मौके पर पहुँची। इस देरी ने विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया।

ग्रामीणों की पीड़ा और मांगें

ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार हाथियों को भगाने के लिए रातभर जागते रहे हैं और विभाग से सोलर लाइट, टॉर्च और पटाखों जैसी आवश्यक सामग्रियों की मांग भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। साथ ही प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा भी नहीं मिला है।

मुआवजा और आश्वासन

इस दर्दनाक घटना के बाद तत्काल पहल करते हुए मृतका के अंतिम संस्कार हेतु ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की गई। साथ ही आश्वासन दिया गया कि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने पर शेष ₹3,75,000 का मुआवजा परिजनों को उपलब्ध कराया जाएगा।

भविष्य के लिए कदम उठाने की जरूरत

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि घुठिया पेसरा पंचायत सहित अमनारी, परसिया, नगर केसवारी और मंदरामो पश्चिमी पंचायत के दर्जनों प्रभावित गाँवों में जल्द से जल्द सोलर लाइट, टॉर्च और पटाखे उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि हाथियों को भगाने में आसानी हो सके।

श्रद्धांजलि
ग्रामीणों ने किरण देवी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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