
जमशेदपुर: भारत के युवा हॉकी इतिहास में एक और गौरवमय मोड़ जुड़ रहा है। नवल टाटा हॉकी अकादमी (NTHA / एनटीएचए) से जुड़े तीन प्रतिभाशाली कैडेट अब अंडर‑18 एशिया कप हॉकी चैंपियनशिप में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह खबर न सिर्फ झारखंड और जमशेदपुर के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणा का संदेश है।

NTHA के तीन युवा हीरो – नाम और उपलब्धि
अंडर‑18 एशिया कप के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम की 40 संभावित खिलाड़ियों की सूची में नवल टाटा हॉकी अकादमी के तीन नाम खास तौर पर उभरे हैं:
- आशीष तानी पूर्ति
- प्रेमचंद सोय
- जैसन (जैसन कांडुलना / जयसन कंडुलना)
इन तीनों खिलाड़ियों का चयन हाल ही में राजगीर में संपन्न हुई 16वीं हॉकी इंडिया सब‑जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में उल्लेखनीय प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।

NTHA राष्ट्रीय कैंप और तैयारी का चरण
इन तीनों कैडेटों को अंडर‑18 एशिया कप की टीम के संभावित खिलाड़ियों की लंबी सूची में रखा गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय कोचिंग कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
- यह राष्ट्रीय कैंप 19 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) भोपाल में आयोजित हो रहा है।
- इसी कैंप के दौरान हॉकी इंडिया अंतिम टीम का चयन करेगा जो जापान के काकामिगाहारा (Kakamigahara) में 29 मई से 6 जून 2026 तक खेले जाने वाले अंडर‑18 एशिया कप में भारत की ओर से खेलेगी।

NTHA आशीष, प्रेमचंद और जैसन की खासियतें
- आशीष तानी पूर्ति
- आशीष पहले ही एक बार वयस्क लीग में अपनी गुणवत्ता का परिचय दे चुके हैं। 2025–26 में हुई हॉकी इंडिया लीग में वे रांची रॉयल्स के लिए खेलकर रजत पदक जीतने में कामयाब रहे थे।
- इस टूर्नामेंट में वे टीम के सबसे युवा खिलाड़ी थे और ओलंपियन व अंतरराष्ट्रीय क्लास के बड़े खिलाड़ियों के साथ फील्ड पर खेलने का अनुभव उनकी मैच‑समझ (match‑intelligence) को और बेहतर बना चुका है।
- प्रेमचंद सोय
- प्रेमचंद सोय सब‑जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप जैसी बड़ी स्टेज पर अपनी दौड़, डिफेंस और फील्ड पोजिशनिंग के लिए जाने जाते हैं।
- उनका खेल निरंतर अनुशासन और एकाकी प्रैक्टिस दोनों पर आधारित है, जो एनटीएचए के युवा प्रतिभा विकास मॉडल का जीवंत उदाहरण है।
- जैसन (जैसन कांडुलना / जयसन कंडुलना)
- जैसन को टीम के मिड‑फील्ड या स्ट्राइकर के रूप में देखा जा रहा है, जहां वे तेज पेस, शॉट और ट्रांज़िशन प्ले में अहम भूमिका निभाते हैं।
- उनका चयन राजगीर में हुई सब‑जूनियर नेशनल में कंसिस्टेंट मैच‑विनिंग प्रदर्शन के बाद किया गया है, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण गोल या असिस्ट निकाले।

NTHA के लिए गर्व का दौर
नवल टाटा हॉकी अकादमी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गुरमीत सिंह राव ने साफ कहा है कि इन तीन खिलाड़ियों का चयन एकेडमी के लिए गर्व का विशेष पल है।
- उनका मानना है कि कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण के कारण ही एनटीएचए के युवा प्रतिभागी राष्ट्रीय टीम के संभावितों तक पहुंच पाए हैं।
- इसी मॉडल को देखकर अन्य राज्यों और अकादमियों में भी युवा हॉकी प्रणाली को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिल रही है।
अंडर‑18 एशिया कप – भारत के लिए अहम मंच
अंडर‑18 एशिया कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भविष्य के ओलंपियन और सीनियर राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के लिए पहला बड़ा इंटरनेशनल डेब्यू स्टेज माना जाता है।
- इस उम्र के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ग्राउंड पर अनुभव, प्रेशर मैनेजमेंट और टीम टैक्टिक्स जैसी बातें सीखने का मौका मिलता है।
- भारत के लिए लगातार जूनियर और सब‑जूनियर लेवल पर अच्छा प्रदर्शन करना यह भी साबित करता है कि देश में हॉकी की पाइपलाइन बेहतर हो रही है।
झारखंड और भोपाल क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश
इस बार सिर्फ NTHA के तीन खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि झारखंड के 11 अन्य युवा हॉकी खिलाड़ी भी अंडर‑18 एशिया कप की तैयारी के राष्ट्रीय कैंप में चयनित हुए हैं।
- भोपाल में आयोजित कैंप में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की कुल संख्या 40 के आसपास है, जिनमें से कई नाम अब बड़ी संख्या में उभरकर राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
- ऐसे ही उदाहरण और गर्व के पल गांव‑शहर के स्तर पर बच्चों को हॉकी कोर्ट पर आने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे “अगली पीढ़ी के डीनेश यादव, सरदार, हरमनप्रीत” जैसे नाम निकल सकें।
NTHA के तीन खिलाड़ी – भाक्ष्य और चुनौती
- अंडर‑18 एशिया कप के रूप में ये तीनों खिलाड़ी अब एक नई जिम्मेदारी उठाएंगे: देश का नाम रोशन करने का न सिर्फ अपने खेल से बल्कि अनुशासन और स्पोर्ट्समैनशिप से भी।
- अगर इस टूर्नामेंट में वे अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन कर लेते हैं, तो उनके लिए जूनियर वर्ल्ड कप, एशिया कप सीनियर टूर्नामेंट और आगे ओलंपिक/राष्ट्रीय टीम के रास्ते भी खुल सकते हैं।















