मोतिहारी (बिहार) : बिहार के मोतिहारी जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। हालांकि इस कार्रवाई में एसटीएफ के बहादुर जवान श्रीराम यादव शहीद हो गए, जिससे पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर है मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दो अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है, जो पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं।
पुलिस को खुलेआम दी थी धमकी
मुठभेड़ से कुछ घंटे पहले ही मारे गए अपराधियों में से एक कुंदन ठाकुर ने चकिया थाना के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर खुलेआम धमकी दी थी।उसने कहा था क “अगली खबर में पढ़ेंगे कि पुलिस और अपराधियों की मुठभेड़ में 10-15 पुलिसकर्मी मारे जाएंगे और अपराधी फरार हो जाएंगे। इस धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने चकिया थाना में मामला दर्ज कर लिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।
पुलिस ने बनाई रणनीति
घटना से पहले चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय मोतिहारी पहुंचे थे उन्होंने एसपी स्वर्ण प्रभात के साथ मिलकर पूरे मामले की समीक्षा की और कुंदन ठाकुर गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनाई इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुंदन ठाकुर अपने गिरोह के साथ उज्ज्वल कुमार के घर में छिपकर किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहा है।
मुठभेड़ में चली गोलियां, STF जवान शहीद
सूचना मिलते ही पुलिस और STF की टीम ने घर को चारों ओर से घेर लिया और अपराधियों को सरेंडर करने का आदेश दिया लेकिन घिरते ही अपराधियों ने कार्बाइन से पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी इस गोलीबारी में एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव शहीद हो गए इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे मौके पर ही ढेर हो गए।
दो अपराधी गिरफ्तार, हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से दो अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया:
- टी उज्ज्वल कुमार
- संत तिवारी (पिता)
पुलिस ने मौके से कई हथियार भी बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- एक कार्बाइन
- दो पिस्टल
- दो कट्टा
- पांच जिंदा कारतूस
- 17 खोखा
अपराधी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार कुंदन ठाकुर का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में कम से कम पांच आपराधिक मामले दर्ज थे बताया जा रहा है कि वह पुलिस को धमकाकर बिहार में अपना दबदबा बनाना चाहता था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई में उसका अंत हो गया।
मोतिहारी की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष कितना खतरनाक रूप ले सकता है।
हालांकि इस कार्रवाई में पुलिस को एक बहादुर जवान की शहादत देनी पड़ी, लेकिन कुख्यात अपराधियों के खात्मे से इलाके में राहत की उम्मीद जताई जा रही है












