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वक्फ संपत्तियों के डिजिटल प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम – UMEED

On: December 7, 2025 4:23 PM
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उम्मीद (UMEED) केंद्रीय पोर्टल की समय सीमा पूरी — वक्फ संपत्तियों के डिजिटल प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली। UMMEED – भारत में वक्फ संपत्तियों के सुचारु और पारदर्शी प्रबंधन के उद्देश्य से केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा 6 जून 2025 को शुरू किया गया केंद्रीय पोर्टल ‘UMMEED’ अब आधिकारिक रूप से 6 दिसंबर 2025 को अपलोड के लिए बंद कर दिया गया। यह निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों और उम्मीद अधिनियम, 1995 के तहत निर्धारित 6 माह की निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बाद लिया गया है।

उम्मीद (UMEED) अंतिम चरण में अपलोडिंग हुई तेज

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समय सीमा नजदीक आने के साथ पोर्टल पर अपलोडिंग की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कई समीक्षा बैठकों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं और सचिव स्तर तक के हस्तक्षेपों ने इस प्रक्रिया को तेज गति दी, जिससे अंतिम घंटों में अपलोड रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किए गए।

THE NEWS FRAME
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UMEED पोर्टल पर अपलोड किए गए संपत्तियों का अंतिम आंकड़ा

विवरणसंख्या
कुल वक्फ संपत्तियां शामिल5,17,040
नामित अनुमोदकों द्वारा अनुमोदित2,16,905
निर्माताओं द्वारा प्रस्तुत और प्रक्रियाधीन2,13,941
सत्यापन के दौरान अस्वीकृत10,869

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पोर्टल ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन में एक अभूतपूर्व राष्ट्रीय कवरेज हासिल किया।

राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहयोग और प्रशिक्षण

इस विशाल कार्य को सफल बनाने के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के
वक्फ बोर्डों और अल्पसंख्यक विभागों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय किया।
मुख्य व्यवस्थाएं —
✔ विभिन्न राज्यों में लगातार कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र
दिल्ली में दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर कार्यशाला
✔ वरिष्ठ तकनीकी और प्रशासनिक टीमों की फील्ड तैनाती
देशभर में 7 क्षेत्रीय बैठकें
✔ समस्या समाधान के लिए समर्पित हेल्पलाइन की स्थापना

इन व्यवस्थाओं ने अपलोड प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

20 से अधिक समीक्षा बैठकें — मंत्रालय की निरंतर निगरानी

पोर्टल की शुरुआत से लेकर अपलोडिंग क्लोज़र तक, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने 20 से अधिक समीक्षा बैठकें आयोजित कीं, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को समय पर और सटीक अपलोडिंग के लिए निरंतर मार्गदर्शन दिया, डेटा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान दिया।

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

6 माह की अपलोडिंग विंडो के सफल समापन के साथ उम्मीद पोर्टल —

  • वक्फ संपत्तियों के एकीकृत डिजिटल दस्तावेजीकरण
  • पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने
  • प्रबंधन दक्षता को मजबूत करने

की दिशा में एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘उम्मीद पोर्टल’ के माध्यम से देशभर की वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना सरकार, राज्यों और वक्फ बोर्डों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। इसके समापन के साथ अगला चरण वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी उपयोग, निगरानी और प्रशासनिक सुगमता की नई दिशा निर्धारित करेगा।

उम्मीद (UMEED) केंद्रीय पोर्टल क्या है — आसान भाषा में समझिए

उम्मीद (UMMEED) एक केंद्रीय डिजिटल पोर्टल है जिसे भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 6 जून 2025 को शुरू किया था। इसका उद्देश्य पूरे भारत में मौजूद वक्फ संपत्तियों (Waqf Properties) को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिटल रूप से दर्ज (Digital Documentation) करना है।

उम्मीद (UMEED) पोर्टल क्यों बनाया गया?

कई वर्षों से देश में वक्फ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी —
✔ सही तरीके से दर्ज नहीं थी
✔ जगह-जगह बिखरी हुई थी
✔ प्रबंधन में पारदर्शिता नहीं थी

इन समस्याओं को दूर करने और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा व सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उम्मीद पोर्टल बनाया गया।

UMEED पोर्टल पर क्या किया गया?

राज्यों के वक्फ बोर्डों द्वारा —
🔹 वक्फ संपत्तियों का पूरा विवरण अपलोड किया गया
🔹 दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी की गई
🔹 संपत्तियों की स्वामित्व और स्थिति की पुष्टि की गई

यानी देशभर की वक्फ संपत्तियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड बनाया गया।

उम्मीद पोर्टल के फायदे

उम्मीद पोर्टल के माध्यम से —
✔ वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता बढ़ेगी
अनधिकृत कब्जा / भ्रष्टाचार / विवाद कम होंगे
✔ रिकॉर्ड डिजिटाइज होने से बेहतर प्रबंधन और निगरानी होगी
✔ संपत्तियों का लोक कल्याण और सामुदायिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा

उम्मीद पोर्टल कब बंद हुआ?

उम्मीद पोर्टल 6 महीने की अपलोडिंग विंडो के लिए चालू किया गया था
6 जून 2025 → शुरुआत
6 दिसंबर 2025 → अपलोडिंग बंद (समय सीमा पूरी)

अब अगला चरण विश्लेषण, प्रबंधन और निगरानी से संबंधित होगा।

उम्मीद केंद्रीय पोर्टल वक्फ संपत्तियों के लिए देश में पहली बार शुरू हुआ इतना बड़ा डिजिटल अभियान है। इसकी मदद से उन संपत्तियों का प्रबंधन और उपयोग बेहतर होगा जिनका उद्देश्य धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक कार्यों के लिए होता है।

Source : PIB

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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