कल्पना कीजिए, ओडिशा के खदानों में जहां हर दिन जोखिम से भरी जंग लड़ी जाती है, वहां सुरक्षा के 23 स्वर्णिम पुरस्कार एक साथ जीतना कितना गौरवशाली! 14 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में DGMS के 43वें वार्षिक धात्विक खदान सुरक्षा पखवाड़ा समारोह में टाटा स्टील की ओडिशा माइंस ने यह कमाल किया। काटामाटी और खोंदबोंद आयरन माइंस ने समग्र प्रदर्शन में पहला-दूसरा स्थान हासिल कर इतिहास रचा।
यह उपलब्धि खनन उद्योग में टाटा स्टील की सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां पिछले वर्षों में FICCI गोल्ड और worldsteel अवॉर्ड्स भी जीते। इस लेख में अवलोकन, पुरस्कार विवरण, खदानों की श्रेणियां, सुरक्षा पहल, उद्योग प्रभाव और भविष्य की दिशा शामिल है। SEO टाइटल: “टाटा स्टील ओडिशा माइंस 23 सुरक्षा पुरस्कार: काटामाटी-खोंदबोंद टॉप, DGMS 2025 समारोह अपडेट”।
टाटा स्टील-43वें धात्विक खदान सुरक्षा
टाटा स्टील की ओडिशा माइंस ने 43वें धात्विक खदान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 में 23 पुरस्कार जीते। समारोह DGMS भुवनेश्वर क्षेत्र 1-2 के तहत भुवनेश्वर में 14 मार्च 2026 को हुआ। मुख्य अतिथि DGMS धनबाद के महानिदेशक उज्ज्वल ताह रहे।
14 मार्च 2026 को समारोह में टाटा स्टील के GM (OMQ) देबाशीष जेना सहित खनन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित। स्टॉलों में सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन। यह पखवाड़ा हर साल खनन दुर्घटनाओं कम करने के लिए होता है।
पिछले 72 घंटों में टाटा स्टील की झारखंड माइंस ने भी Mines Safety Fortnight 2025-26 अवॉर्ड्स जीते। FICCI गोल्ड (मैंगनीज माइंस, नवंबर 2025) और worldsteel PSM अवॉर्ड (अक्टूबर 2025) से निरंतरता। ओडिशा माइंस (जोडा क्षेत्र) में डिजिटल इनोवेशन पर जोर।
पुरस्कार श्रेणियां और उपलब्धियां
काटामाटी आयरन माइन ने समग्र A1 में 1st के साथ जनरल वर्किंग, ट्रेनिंग में टॉप किया। मैकेनिकल-इलेक्ट्रिकल में 3rd। खोंदबोंद ने मेंटेनेंस श्रेणियों में 1st। जोड़ा ईस्ट ने डिजिटाइजेशन और ट्रेनिंग में लीड।
- समग्र प्रदर्शन: ओडिशा माइंस का दबदबा।
- डिजिटाइजेशन: ट्रेनिंग अवेयरनेस।
- मेंटेनेंस: मैकेनिकल-इलेक्ट्रिकल।
- स्वास्थ्य: ऑक्यूपेशनल हेल्थ 1st।
यह 23 पुरस्कार पिछले रिकॉर्ड तोड़ते हैं। Ever wondered कैसे? सतत प्रशिक्षण और तकनीक।
खदानों की सुरक्षा पहल
टाटा स्टील ओडिशा (जोडा-बारबिल) में काटामाटी, खोंदबोंद जैसी माइंस आयरन ओर उत्पादन का केंद्र हैं। सुरक्षा पखवाड़ा सुरक्षित पद्धतियों को बढ़ावा देता। स्टॉल प्रदर्शनी में उपकरण दिखाए।
- ड्रिलिंग-ब्लास्टिंग: जोड़ा ईस्ट 2nd।
- वोकेशनल ट्रेनिंग: कंपनी स्तर 1st।
- इनोवेटिव डिजिटल: सेंसर-ऑटोमेशन।
FICCI गोल्ड जैसी मान्यता से प्रेरणा। Meanwhile, दुर्घटना शून्य का लक्ष्य

उद्योग प्रभाव और मान्यता
ये पुरस्कार खनन क्षेत्र में टाटा स्टील को लीडर बनाते। DGMS के अतिथियों ने सराहना की। ईस्टर्न ज़ोन माइनिंग एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव लोचन मोहंती उपस्थित।
- कर्मचारी विश्वास बढ़ा।
- उद्योग मानक ऊंचा।
- वेंडर पार्टनर सहयोग।
- दुर्घटना कमी।
23 पुरस्कारों से ओडिशा माइंस 2026 में और आगे। डिजिटल टूल्स, ट्रेनिंग पर फोकस। Mines Safety Week निरंतर
- शून्य हादसे।
- AI-सेंसर एकीकरण।
- ग्रामीण रोजगार।
- सतत खनन।
टाटा की ‘सुरक्षित भारत’ प्रतिबद्धता मजबूत।टाटा स्टील ओडिशा माइंस का 23 पुरस्कारों का स्वीप खनन सुरक्षा में मील का पत्थर। काटामाटी-खोंदबोंद की लीडरशिप प्रेरणादायी। DGMS समारोह ने सर्वोत्तम अभ्यास दिखाए। आगे इनोवेशन से उद्योग बदलेगा।








