बेलग्रेड: यूरोप के संवेदनशील बाल्कन क्षेत्र में एक नया सैन्य और कूटनीतिक विवाद सामने आया है। Serbia ने China से अत्याधुनिक सुपरसोनिक मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला किया है। इस सौदे के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं सर्बिया सरकार का कहना है कि यह हथियार खरीद देश की रक्षा क्षमता मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन पड़ोसी देशों ने इस कदम पर आपत्ति जताई है।
क्रोएशिया ने जताई कड़ी आपत्ति
सर्बिया के पड़ोसी देश Croatia ने इस फैसले का विरोध किया है क्रोएशिया का आरोप है कि:
- सुपरसोनिक मिसाइलों की तैनाती से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन बिगड़ सकता है
- इससे बाल्कन क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है
क्रोएशिया ने इस मामले को European Union के सामने भी उठाया है।
NATO की चिंता
इस मुद्दे पर NATO ने भी चिंता जताई है नाटो अधिकारियों के अनुसार बाल्कन क्षेत्र पहले से ही राजनीतिक और ऐतिहासिक तनाव से प्रभावित रहा है, ऐसे में भारी हथियारों की खरीद से स्थिति और जटिल हो सकती है।
यूरोप में चीन की सैन्य मौजूदगी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं बल्कि एक बड़ी वैश्विक रणनीतिक चाल का हिस्सा हो सकता है विशेषज्ञों के अनुसार:
- चीन धीरे-धीरे यूरोप में सैन्य तकनीक और रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है
- इससे पश्चिमी देशों के लिए नई रणनीतिक चुनौती पैदा हो सकती है
🇷🇸 सर्बिया की सफाई
सर्बिया सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा पूरी तरह रक्षात्मक उद्देश्य से किया गया है सरकार का कहना है कि यह हथियार किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खरीदे गए हैं।
फिलहाल कूटनीतिक चर्चा जारी
इस मुद्दे पर फिलहाल यूरोपीय देशों, नाटो और संबंधित सरकारों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस विवाद का समाधान जल्दी नहीं हुआ तो बाल्कन क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है












