
Ram नवमी के पावन पर्व पर जमशेदपुर में एक नेक पहल हुई। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने टेल्को लेबर ब्यूरो के पास सेवा शिविर लगाया, जहाँ सैकड़ों श्रद्धालुओं को चना-गुड़ और शीतल शरबत बाँटा गया। भीषण गर्मी में यह सेवा विसर्जन जुलूस के दौरान लोगों को बड़ी राहत पहुँचाई।

पूर्व सैनिकों का यह सेवा भाव सनातन परंपरा को मजबूत करता है। आइए, इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी और महत्व जानें।
सेवा शिविर का विवरण और आयोजन
Ram नवमी के विसर्जन अखाड़ा जुलूस के दौरान टेल्को स्थित लेबर ब्यूरो के समीप शिविर लगा। परिषद के जिला अध्यक्ष विनय कुमार यादव और महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने नेतृत्व किया। सुखविंदर सिंह, दीपक शर्मा, दयाभूषण, उमेश शर्मा जैसे 50 पूर्व सैनिकों ने सेवा की।
भीषण गर्मी में श्रद्धालु और राहगीर थकान महसूस कर रहे थे। शरबत ने ताजगी दी, चना-गुड़ ने ऊर्जा। तीनों सेनाओं के सेवानिवृत्त सैनिकों ने वर्दी की तरह सेवा भाव दिखाया। यह शिविर सेवा और समर्पण का प्रतीक बना।
Ram नवमी मे मुख्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में झारखंड महामंत्री सिद्धनाथ सिंह, राजेश पांडे (बीजेपी प्रवक्ता), अमरप्रीत सिंह काले (‘नमन’ संस्थापक), आरके सिंह (टाटा मोटर्स यूनियन नेता), संजय तिवारी (तुलसी भवन) मुख्य अतिथि रहे। इनकी मौजूदगी ने शिविर को गरिमा दी।
पूर्व सैनिकों ने सनातन परंपरा का निर्वहन किया। गर्मी में सेवा से समाज को संदेश मिला – पर्व मनाना सिर्फ पूजा से नहीं, सेवा से।

Ram नवमी मे पूर्व सैनिकों का योगदान
सत्येंद्र कुमार सिंह, गौतम लाल, संतोष कुमार, अवधेश कुमार, योगेश कुमार सिंह, पी. शंकर, बिरजू कुमार, विजय कुमार, चंद्र प्रसाद, धीरज सिंह, पंकज शर्मा, राजीव सिंह, निरंजन कुमार, अमरेंद्र कुमार, किशोरी प्रसाद जैसे कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी सेवा ने जुलूस को सफल बनाया।
Ram नवमी का महत्व और सेवा भाव
Ram नवमी भगवान Ram जन्मोत्सव है। जुलूस, अखाड़े सनातन संस्कृति के प्रतीक। पूर्व सैनिक परिषद ने इसे सेवा से जोड़ा। चना-गुड़ और शरबत वितरण ने गर्मी से राहत दी। यह समाज में एकता का संदेश है।
- चना-गुड़: ऊर्जा का पारंपरिक भोजन।
- शरबत: गर्मी से ताजगी।
- सेवा: सैनिकों का मूलमंत्र।
जमशेदपुर जैसे शहर में ऐसी पहलें सामाजिक सद्भाव बढ़ाती हैं।
गर्मी में सेवा का विशेष महत्व
मार्च-अप्रैल में तापमान 40 डिग्री पार। जुलूस में हजारों श्रद्धालु। पूर्व सैनिकों ने पानी, शरबत से सेवा की। यह मानवता का उदाहरण है। समाज को प्रेरणा मिली।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की भूमिका
यह संगठन सेवानिवृत्त सैनिकों का मंच है। जमशेदपुर में सामाजिक कार्यों में सक्रिय। Ram नवमी जैसे पर्वों पर सेवा शिविर उनकी परंपरा। विनय यादव और जितेंद्र सिंह का नेतृत्व सराहनीय।
परिषद समाज सेवा, आपदा राहत में आगे। यह प्रयास एकता और समर्पण दिखाता है। अन्य संगठनों को प्रेरणा।
सामाजिक प्रभाव और प्रेरणा
शिविर से सैकड़ों लाभान्वित। पूर्व सैनिकों ने देशभक्ति दिखाई। Ram नवमी पर सेवा ने धार्मिक-सामाजिक मेल कराया। जमशेदपुर में सकारात्मक संदेश फैला।
- एकता: सभी वर्गों का सहयोग।
- प्रेरणा: युवाओं के लिए मिसाल।
- निरंतरता: ऐसे शिविर बढ़ें।
चुनौतियाँ और भविष्य की योजनाएँ
गर्मी, भीड़ में व्यवस्था चुनौती। लेकिन सैनिक अनुशासन से सफल। भविष्य में होली, दुर्गा पूजा पर भी शिविर। परिषद का विस्तार हो।
Ram नवमी पर पूर्व सैनिकों का सेवा शिविर सराहनीय। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने शरबत-चना से श्रद्धालुओं को राहत दी। विनय यादव, जितेंद्र सिंह का नेतृत्व प्रेरणा। यह सनातन सेवा भाव को मजबूत करता है। ऐसे प्रयास समाज में एकता लाएँ
तीनों सेनाओं से सेवानिवृत्त सैनिकों ने सेवा भाव से श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए सनातन परंपरा का निर्वहन किया। भीषण गर्मी में इस पहल ने लोगों को राहत पहुंचाई और सेवा के माध्यम से पर्व मनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सुखविंदर सिंह दीपक शर्मा, दयाभूषण, उमेश शर्मा, सत्येंद्र कुमार सिंह, गौतम लाल, संतोष कुमार, अवधेश कुमार योगेश कुमार सिंह पी. शंकर, बिरजू कुमार, विजय कुमार, चंद्र प्रसाद, धीरज सिंह, पंकज शर्मा, राजीव सिंह, निरंजन कुमार, अमरेंद्र कुमार, किशोरी प्रसाद सहित लगभग 50 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद का यह प्रयास समाज में सेवा, समर्पण और एकता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।










