मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच में ईडी का सनसनीखेज खुलासा — मृत लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पी गई

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: November 29, 2025 9:04 PM
Follow Us:
The News Frame 69
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

Delhi Red Fort Blast Case: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच अब बेहद गंभीर दिशा में आगे बढ़ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच में ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है — मृत लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पी गई। जिसने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ED के मुताबिक फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जावेद अहमद सिद्दीकी ने उन लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए, जिनकी मौत कई वर्ष पहले हो चुकी थी। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे कथित रूप से उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया।

फर्जी GPA के जरिए जमीन कब्जा — ED की पड़ताल में परतें खुलीं

ED के अनुसार, दिल्ली के मदनपुर खादर स्थित खसरा नंबर 792 की जमीन को तर्बिया एजुकेशन फ़ाउंडेशन के नाम पर एक फर्जी GPA (General Power of Attorney) के माध्यम से ट्रांसफर किया गया।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • जिन व्यक्तियों के नाम पर जमीन दर्ज थी, उनकी मौत 1972 से 1998 के बीच हो चुकी थी
  • बावजूद इसके, 7 जनवरी 2004 को उन्हीं मृत लोगों के नाम पर नया GPA बनाया गया
  • इसके बाद जमीन का फिर से रजिस्ट्रेशन किया गया

इसी फर्जीवाड़े और अवैध लेनदेन के आधार पर 18 नवंबर को जावेद अहमद सिद्दीकी को PMLA (2002) के तहत गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी तब की गई जब अल-फलाह ग्रुप के कैंपस पर हुई छापेमारी के दौरान साक्ष्य मिले और विस्तृत जांच से अवैध संपत्ति हस्तांतरण की पुष्टि हुई।

GPA क्या है? (सरल भाषा में)

General Power of Attorney (GPA) एक कानूनी दस्तावेज होता है जिसके जरिए कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी ओर से काम करने का अधिकार देता है — जैसे
✔ कागज़ों पर हस्ताक्षर
✔ जमीन खरीदना-बेचना
✔ कानूनी या आर्थिक फैसले
हालांकि GPA से व्यक्ति जमीन का असली मालिक नहीं बन जाता, इसी कमजोरी का लाभ उठाकर फर्जीवाड़े के मामले अक्सर सामने आते हैं।

जांच की जड़ — Red Fort Blast Connection

इस पूरी जांच की शुरुआत दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट केस के बाद हुई, क्योंकि:

  • इस मामले का मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था
  • उसकी गिरफ्तारी के बाद डॉ. मुजम्मिल अहमद, शाहीन शाहिद और अन्य जुड़े लोगों को भी हिरासत में लिया गया

इसके बाद यूनिवर्सिटी पर:
🔹 UGC और NAAC मान्यता होने के झूठे दावों का आरोप
🔹 छात्रों व अभिभावकों को गुमराह करने के आरोप
🔹 मनी लॉन्ड्रिंग व अवैध भूमि ट्रांसफर की शिकायतें
एक के बाद एक सामने आती गईं।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी मामले में जारी जांच ने:

  • आतंकी नेटवर्क
  • शैक्षणिक संस्थानों के दुरुपयोग
  • अवैध वित्तीय कारोबार और जमीन कब्जे
    इन सभी को एक-दूसरे से जुड़ा गंभीर तंत्र बना दिया है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ED के दावे आगे भी सत्य साबित होते हैं तो:

  • उच्च स्तर पर राजनीतिक/आर्थिक संरक्षण की भी भूमिका सामने आ सकती है
  • सैकड़ों करोड़ की जमीन और धन की जाँच का दायरा और विस्तृत हो सकता है

दिल्ली रेड फ़ोर्ट ब्लास्ट जांच अब सिर्फ आतंकी कनेक्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह शैक्षणिक संस्थान, अवैध वित्तीय लेनदेन और संपत्ति घोटाले तक पहुँच चुकी है। आने वाले दिनों में ED और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment