
जमशेदपुर: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Janata दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम की ग्रामीण क्षेत्रीय बैठक आज हाता स्थित रामगढ़ आश्रम परिसर में संपन्न हुई, जहां संगठन को मजबूत करने और ग्रामीण समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया। जिला महामंत्री श्री वीर सिंह देवगम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डुमरिया, पोटका और जमशेदपुर प्रखंडों के 22 पंचायतों में संगठन विस्तार की रूपरेखा बनी। जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने साफ कहा कि अफसरशाही और भ्रष्टाचार से त्रस्त ग्रामीणों की आवाज बनकर जदयू चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। ये बैठक ग्रामीण झारखंड की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ती है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रखंडों में संगठन मजबूत
Janata दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम की ग्रामीण क्षेत्रीय बैठक में डुमरिया, पोटका एवं जमशेदपुर प्रखंडों पर विशेष फोकस रहा। जिला अध्यक्ष श्री सुबोध श्रीवास्तव ने संबोधन में बताया कि इन 22 पंचायतों में जदयू का आधार तेजी से विस्तार ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जनता आक्रोशित है, और पार्टी इसे अवसर के रूप में देख रही है। बैठक में संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने के उपाय सुझाए गए।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याएं अब अनसुलझी नहीं रहेंगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि वे गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ें। ये प्रयास जदयू को पूर्वी सिंहभूम में मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेंगे।
नई नियुक्तियां नेतृत्व में नया जोश
बैठक की खास उपलब्धि रही दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां। श्री यशराज मुर्मू को पोटका प्रखंड अध्यक्ष और बृहस्पति कर्मकार को डुमरिया प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया। जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। ये चेहरों से स्थानीय स्तर पर संगठन को नई गति मिलेगी। यशराज मुर्मू जैसे युवा नेता आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत बनाएंगे।

भ्रष्टाचार और अफसरशाही पर सीधी चोट सरकारी योजनाओं का खुलासा
Janata दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम की ग्रामीण क्षेत्रीय बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा रहा भ्रष्टाचार। सुबोध श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तर की सरकारी योजनाएं अफसरशाही की भेंट चढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण सड़क निर्माण, वृद्धा-विधवा पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन जैसी स्कीमों की फाइलें लंबित हैं। ग्रामीणों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा।
पार्टी ने चरणबद्ध आंदोलन चलाने का फैसला लिया। सड़क से सदन तक लड़ाई का ऐलान किया गया। ये आंदोलन ग्रामीणों की आवाज बनेगा और सरकार पर दबाव बनाएगा। जदयू का मानना है कि पारदर्शिता के बिना विकास संभव नहीं।
Janata ग्रामीण समस्याओं का जायजा आक्रोश का केंद्र
बैठक में चर्चा हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जर्जर हैं, पेंशन विलंब से आती है, स्कूलों में शिक्षक कम हैं। स्वास्थ्य केंद्र नाममात्र के हैं। रोजगार की तलाश में युवा शहरों की ओर पलायन कर रहे। जदयू इन मुद्दों को उठाकर Janata का विश्वास जीतेगी। पूर्वी सिंहभूम जैसे औद्योगिक जिले में ग्रामीण उपेक्षा असहनीय है।
प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी एकजुटता का संदेश
Janata दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम की ग्रामीण क्षेत्रीय बैठक में जिला महामंत्री कुलविंदर सिंह पन्नू, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नीरज सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अमृता मिश्रा सहित कई नेता उपस्थित थे। अन्य कार्यकर्ताओं में अशोक सिंह, दिनेश सिंह, त्रिलोचन सिंह, ऐस राज मुर्मू, अमित पात्रो, प्रशांत कंसारी, मोनो हेम्ब्रम, बीरबल सरदार और बिमल पात्रो शामिल हुए।
ये एकजुटता पार्टी के मजबूत होने का प्रमाण है। महिला मोर्चा की सक्रियता से ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जाएगा। युवा मोर्चा रोजगार के मुद्दे उठाएगा।

जदयू का भविष्य पूर्वी सिंहभूम में नया दौर
Janata दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम की ग्रामीण क्षेत्रीय बैठक से साफ है कि पार्टी ग्रामीण आधार मजबूत कर रही है। सुबोध श्रीवास्तव का नेतृत्व आंदोलनकारी है। पोटका-डुमरिया जैसे आदिवासी इलाकों में विस्तार से जदयू चुनावों में मजबूत होगी। भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा जनता को आकर्षित करेगा।
झारखंड की राजनीति में जदयू का रोल बढ़ेगा। ग्रामीण विकास का वादा पूरा करने की चुनौती है। कार्यकर्ता उत्साहित हैं, अब अमल की बारी।
Janata दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम की ग्रामीण क्षेत्रीय बैठक ने संगठन विस्तार और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से नया जोश भरा। डुमरिया-पोटका में नई नियुक्तियों से आधार मजबूत होगा। ग्रामीण समस्याओं का समाधान पार्टी का लक्ष्य। पूर्वी सिंहभूम की जनता को न्याय मिलेगा











