नई दिल्ली : मध्य पूर्व में चल रहे ईरान–अमेरिका–इजराइल युद्ध का असर अब सीधे भारत की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और तेल-गैस आपूर्ति पर पड़े प्रभाव के कारण घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, वहीं स्टॉक खत्म होने की अफवाहों ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है।
युद्ध की शुरुआत,कैसे भड़का टकराव
फरवरी 2026 में मध्य पूर्व में तनाव अचानक बढ़ गया जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई हवाई हमले किए। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना बताया गया 28 फरवरी 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले हुए। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए।
मार्च के शुरुआती दिनों में स्थिति और गंभीर हो गई जब होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कई जहाजों को निशाना बनाया गया। इस दौरान कुछ जहाज डूबने और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबरें भी सामने आईं। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है, इसलिए वहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करता है।
🛢 भारत पर क्यों पड़ा असर
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है। खासकर LPG गैस का लगभग 85% हिस्सा भारत मध्य पूर्व देशों से आयात करता है। जब युद्ध के कारण समुद्री रास्तों और तेल-गैस सप्लाई में बाधा आती है, तो इसका सीधा असर भारत के बाजार पर पड़ता है विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण
- जहाजों की आवाजाही धीमी हो गई है
- बीमा और परिवहन लागत बढ़ गई है
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं
इन सभी कारणों से भारत में गैस कंपनियों को भी कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
7 मार्च 2026 से घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में लगभग ₹60 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में ₹115 तक का इजाफा हुआ है।
देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें
| शहर | नई कीमत (₹) |
|---|---|
| दिल्ली | 913 |
| मुंबई | 912.50 |
| कोलकाता | 939 |
| चेन्नई | 928.50 |
| पटना | 1011 |
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो आने वाले महीनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
जमशेदपुर और पटना में स्थिति
झारखंड के जमशेदपुर में भी इस खबर का असर साफ दिखाई दे रहा है।
मांगो के न्यू पुरुलिया रोड स्थित कंचनदीप गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं ,स्थानीय लोगों के अनुसार:
- सुबह से ही लोग सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े रहे
- कई लोगों को यह डर था कि जल्द ही गैस का स्टॉक खत्म हो सकता है
- कुछ लोगों ने एक से ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश भी की
हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि अभी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन अफवाहों के कारण अचानक भीड़ बढ़ गई है दूसरी ओर पटना में गैस बुकिंग के लिए लगभग 25 दिनों का इंतजार बताया जा रहा है। कुछ इलाकों में ब्लैक मार्केट में गैस सिलेंडर ₹1500 तक में बिकने की खबरें भी सामने आई हैं।
अफवाहों से बढ़ रही परेशानी
गैस कंपनियों और प्रशासन ने साफ कहा है कि देश में LPG की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है। लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण लोग घबराकर गैस जमा करने की कोशिश कर रहे हैं विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग जरूरत से ज्यादा गैस खरीदने लगते हैं तो इससे कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) पैदा हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि देश में कम से कम 25 दिनों का LPG स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर बनाए हुए है सरकार ने तेल कंपनियों और वितरकों को निर्देश दिए हैं कि:
- गैस की सप्लाई नियमित रखी जाए
- ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती की जाए
- एजेंसियों पर भीड़ को नियंत्रित किया जाए
गैस बचाने के आसान तरीके
विशेषज्ञों ने लोगों को गैस का उपयोग सावधानी से करने की सलाह दी है।
कुछ आसान उपाय:
✔ खाना बनाते समय धीमी आंच का उपयोग करें
✔ प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल करें
✔ बर्तन को ढककर खाना पकाएं
✔ गैस जलाने से पहले सभी सामग्री तैयार रखें
✔ टाइमर का उपयोग करें
इन तरीकों से गैस की खपत 20–30% तक कम की जा सकती है।
क्या आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है तो:
- कच्चे तेल और गैस की कीमतें और बढ़ सकती हैं
- भारत में LPG और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव बनेगा
- आयात लागत बढ़ने से महंगाई पर असर पड़ सकता है
हालांकि अगर कूटनीतिक बातचीत से तनाव कम हो जाता है तो स्थिति जल्द सामान्य भी हो सकती है मध्य पूर्व में चल रहा ईरान–अमेरिका–इजराइल संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश में इसका प्रभाव आम लोगों की रसोई तक पहुंच चुका है फिलहाल विशेषज्ञ और सरकार दोनों ही लोगों से घबराने की बजाय संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया गया है, इसलिए जरूरत से ज्यादा गैस जमा करने से बचना चाहिए।








