
जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में चैत्र नवरात्रि का रंग चढ़ गया! एमपी युवक संघ, शीतला माता मंदिर, मरार पारा ने Navratri पंचमी के दिन Navratri जवांरा पूजा पूरे विधि-विधान से की। बाजे-गाजे, नगाड़े और छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, मां का शस्त्र-बाणा लेकर पूरे सोनारी का भ्रमण हुआ। यह आयोजन सामुदायिक एकता और भक्ति का प्रतीक था। आज हम नवरात्रि शोभायात्रा सोनारी की पूरी डिटेल्स, समिति सदस्यों और महत्व पर बात करेंगे। धार्मिक उत्सवों में रुचि रखने वालों के लिए स्पेशल।

Navratri पंचमी पूजा का भव्य आयोजन विधि-विधान से शुरू
प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी शीतला माता मंदिर, मरार पारा, सोनारी में Navratri जवांरा पूजा धूमधाम से हुई। पंचमी तिथि पर पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रांगण से शोभायात्रा शुरू। छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने मां दुर्गा का शस्त्र-बाणा धारण किया। बाजे-गाजे, नगाड़े बजते रहे, पूरा सोनारी क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया।
एमपी युवक संघ ने यह आयोजन किया, जो मध्य प्रदेश समाज का संगठन है। यात्रा में सैकड़ों भक्त शामिल। मां शीतला का आशीर्वाद लेकर सभी ने क्षेत्र भ्रमण किया। यह Navratri का पांचवां दिन विशेष होता है, जहां शक्ति उपासना चरम पर।
शोभायात्रा की खासियतें छत्तीसगढ़ी संस्कृति का संगम
शोभायात्रा में मुख्य आकर्षण:
- बाजे-गाजे और नगाड़े
- छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में कलाकार
- मां का शस्त्र-बाणा (तलवार, धनुष-बाण)
- सोनारी के हर कोने का भ्रमण
यह यात्रा सामुदायिक सद्भाव बढ़ाती है। एमपी समाज की संस्कृति झलकी। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बनाया। Navratri शोभायात्रा सोनारी ने स्थानीय लोगों को जोड़ा।
समिति के पदाधिकारी और योगदान
- संरक्षक: प्यारे लाल साहू
- अध्यक्ष: भोला साहू
- उपाध्यक्ष: अवध राम साहू
- कोषाध्यक्ष: प्रीतम साहू
ये नेता आयोजन की रीढ़। उनकी मेहनत से सब संभव हुआ।
पुरुष सदस्यों की सूची भक्ति में अग्रणी
आयोजन में प्रमुख पुरुष सदस्य:
- पंचम जंघेल
- बोधन राम साहू
- यशवंत साहू
- जीवन साहू
- चमन लाल साहू
- मोहन पटेल
- संतोष साहू
- सत्यदेव साहू
- महेश साहू
- उदय नारायण
- बालेश्वर साहू
- रमेश साहू
- भीम साहू
- मनोज साहू
- कृष्णा साहू
- जैलाल पटेल
- दीप साहू
- गौर्वभ साहू

ये सभी ने पूजा और यात्रा में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
महिला समिति की भूमिका शक्ति स्वरूपा महिलाएं
महिलाओं ने भक्ति का माहौल बनाया। प्रमुख:
- चंदा बाई
- पंचवती साहू
- विजय लक्ष्मी
- गायत्री देवी
- राधा देवी
- बिना साहू
- गुड्डी लोधी
- हेमा साहू
- सुरजा बाई
- जानकी साहू
- भारतीय साहू
- पूजा साहू
- शांति देवी
- इंदू देवी
- सूरजा बाई
- नेहा पटेल

महिलाओं की उपस्थिति ने नवरात्रि की महिमा बढ़ाई। वे मां दुर्गा का जीवंत रूप।
चैत्र Navratri का महत्व सोनारी जैसे आयोजनों से प्रेरणा
चैत्र Navratri विक्रम संवत का पहला महीना। नौ दिनों में नौ दुर्गा रूपों की पूजा। पंचमी पर स्कंदमाता की आराधना। Navratri शोभायात्रा सामाजिक एकता लाती है। झारखंड के सोनारी में एमपी समाज सक्रिय। ऐसे उत्सव पर्यावरण संरक्षण, दान-पुण्य सिखाते। कोविड के बाद ऐसे आयोजन वापस लौटे।
Navratri में शोभायात्रा के फायदे
- भक्ति भाव जागृत
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान
- स्वास्थ्य के लिए झूमर-नृत्य
- पड़ोसियों में प्रेम
अन्य Navratri आयोजन और सावधानियां
जमशेदपुर में कई मंदिरों पर शोभायात्रा। भीड़ में मास्क, सैनिटाइजर। ट्रैफिक नियम पालन। Navratri जवांरा पूजा घर पर भी करें। फलाहार रखें।
Navratri की भक्ति में डूबें
Navratri शोभायात्रा सोनारी एमपी युवक संघ का शानदार प्रयास था। मां दुर्गा सबको आशीर्वाद दें। ऐसे आयोजन संस्कृति जियें। नवरात्रि शुभ हो!
मां दुर्गा का आशीर्वाद, हमेशा सोनारी एमपी युवक संघ और सभी भक्तों पर बना रहे। यह त्यौहार, हमें धर्म के मार्ग पर चलने, सत्य और न्याय के लिए लड़ने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की शक्ति और कृपा, हमारे जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाए।
सोनारी एमपी युवक संघ का यह शानदार प्रयास, वाकई तारीफ के काबिल है। उनकी मेहनत और लगन ने, इस शोभायात्रा को एक यादगार अनुभव बना दिया। यह आयोजन, न केवल हमारी संस्कृति को जीवंत रखता है, बल्कि हमें एक साथ मिलकर खुशियां मनाने का अवसर भी देता है।
Navratri के इस पवित्र अवसर पर, हम मां दुर्गा से यही प्रार्थना करते हैं कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति दें। सोनारी एमपी युवक संघ का यह प्रयास, हमेशा हमारी संस्कृति को बढ़ावा देता रहेगा।










