जमशेदपुर: देश और समाज के लिए समर्पित पूर्व नौसैनिक सुशील कुमार सिंह को भारतीय सेना के पूर्वी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी ने प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें सेवानिवृत्त सैनिकों, वीर नारियों, शहीद परिवारों और जरूरतमंद आम लोगों के लिए लगातार सेवा करने के लिए दिया गया।
यह सम्मान डुरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर दिया गया, जिसमें सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जैसे:
- लेफ्टिनेंट जनरल वाई. एस. अहलावत, ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स
- मेजर जनरल परमवीर सिंह डागर, 23 डिविजन
- ब्रिगेडियर राजकुमार, स्टेशन कमांडर
- कर्नल मानस कुंडू, 220 फील्ड रेजिमेंट कमांडिंग ऑफिसर
सम्मान की सिफारिश
कोल्हान सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल किशोर सिंह ने सुशील कुमार सिंह के सेवा-भाव, नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उनका नाम इस सम्मान के लिए भेजा था। उनकी सिफारिश को स्वीकार करते हुए सेना ने उन्हें यह सम्मान दिया।

लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने कहा,
“एक सैनिक रिटायर होने के बाद सिर्फ वर्दी उतारता है, उसके भीतर का जज़्बा हमेशा जिंदा रहता है। सुशील कुमार सिंह इसका उदाहरण हैं।”
सम्मान मिलने के बाद सुशील कुमार सिंह ने कहा,
“यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं है, मेरी पूरी टीम और समाज के सभी शुभचिंतकों का है। बिना टीमवर्क के कुछ संभव नहीं होता। यह सेवा भविष्य में भी जारी रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि छोटे-छोटे अच्छे काम करने से अच्छे कार्यों की आदत बनती है, और समाज में भरोसा बढ़ता है, जिससे बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकल आता है।
सेना की मिसाल
इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित किया कि वह अपने सैनिकों को रिटायरमेंट के बाद भी सम्मान और साथ देती है। यही कारण है कि भारतीय सेना दुनिया में एक अलग पहचान रखती है।
शहर में गर्व का माहौल
सुशील कुमार सिंह को मिले इस सम्मान से शहर के पूर्व सैनिक और सैनिक परिवारों में गर्व और खुशी का माहौल है। कार्यक्रम का समापन देश, समाज और सैनिक समुदाय के लिए कुछ बेहतर करने के संकल्प के साथ हुआ।
सुशील कुमार सिंह जैसे पूर्व सैनिक यह साबित करते हैं कि देशभक्ति केवल सीमाओं तक सीमित नहीं होती, समाज में सेवा के रूप में भी यह जारी रह सकती है। सेना ने उन्हें सम्मानित कर सभी सैनिकों के लिए प्रेरणा का काम किया है।









