
चक्रधरपुर: सेंट Mary स्कूल और मधूसुदन महतो टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण का शानदार आयोजन हुआ। अग्निशमन विभाग की टीम ने मॉक ड्रिल के जरिए विद्यार्थियों को आग से बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए। ये कार्यक्रम जीवन रक्षक साबित हो सकता है। इस ब्लॉग में हम अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण की पूरी डिटेल, महत्व, बचाव के तरीके और सावधानियों पर विस्तार से बात करेंगे। अगर आप अभिभावक, शिक्षक या छात्र हैं, तो ये पढ़ना जरूरी है। चलिए शुरू करते हैं।

कार्यक्रम का पूरा विवरण जागरूकता से प्रशिक्षण तक
17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को मधुसुदन ट्रस्ट द्वारा संचालित सेंट Mary स्कूल और मधूसुदन महतो टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। अग्निशमन विभाग चक्रधरपुर की टीम ने कार्यक्रम चलाया। अग्निशामक प्रभारी आर.के. चौधरी के मार्गदर्शन में आर.पी. यादव ने आग से बचाव के पहलुओं पर विस्तार से बताया।
टीम सदस्य एमएम सिंह और अमन कुमार ने डेमो दिखाया – आग लगने पर घबराना नहीं, सूझबूझ से निर्णय लेना। विद्यार्थियों ने सवाल पूछे, जिनके संतोषजनक जवाब मिले। मॉक ड्रिल में छात्रों ने असली आग जैसी स्थिति का अभ्यास किया। प्राचार्या खुशबू कुमारी ने अग्निशमन टीम को धन्यवाद दिया। ये कार्यक्रम उत्साहपूर्ण रहा।
मॉक ड्रिल का महत्व व्यावहारिक सीख
अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण में मॉक ड्रिल सबसे बड़ा हथियार था। विद्यार्थियों ने सीखा:
- आग लगने पर सायरन सुनते ही व्यवस्थित बाहर निकलना।
- धुंए से बचने के लिए नाक-मुंह गीला कपड़ा लगाना।
- लोअर फ्लोर से ऊपर न भागना।
- अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) का सही इस्तेमाल।
चक्रधरपुर जैसे छोटे शहरों में स्कूल अग्निकांड का खतरा रहता है। मॉक ड्रिल से बच्चे घबराते नहीं, सही प्रतिक्रिया देते हैं। कार्यक्रम में एचओडी डॉ. शिव प्रसाद महतो, नीतीश कुमार दास, अनिल प्रधान, गणेश कुमार आदि ने भाग लिया।

अग्निशमन विशेषज्ञों की सलाह: आग के प्रकार और बचाव
आर.पी. यादव ने आग के 5 प्रकार बताए:
- कक्षा A: लकड़ी, कागज – पानी से बुझाएं।
- कक्षा B: तेल, पेट्रोल – फोम या CO2।
- कक्षा C: बिजली – Dry Powder।
- कक्षा D: धातु – विशेष पाउडर।
- कक्षा K: रसोई तेल – Wet Chemical।
अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण में जोर दिया गया:
- शॉर्ट सर्किट से सावधान।
- गैस सिलेंडर चेक।
- ज्वलनशील पदार्थ दूर रखें।
आपातकाल में 101 या 112 पर कॉल करें।
| आग का प्रकार | बुझाने का तरीका | न करें |
|---|---|---|
| लकड़ी/कागज | पानी | तेल न डालें |
| बिजली | Dry Powder | पानी न छिड़कें |
| तेल/पेट्रोल | फोम/CO2 | पानी न डालें |
स्कूलों में अग्नि सुरक्षा क्यों जरूरी?
झारखंड में Mary स्कूल अग्निकांड की घटनाएं चिंताजनक हैं। सेंट Mary स्कूल और मधूसुदन महतो टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने सही कदम उठाया। फायदे:
- बच्चे आत्मविश्वास से भर जाते हैं।
- शिक्षक लीडरशिप सीखते हैं।
- अभिभावकों का भरोसा बढ़ता है।
- जान-माल की हानि रुकती है।
सरकार और ट्रस्ट ऐसे कार्यक्रम नियमित करें। चक्रधरपुर अग्निशमन विभाग की सक्रियता सराहनीय है।

घर-स्कूल के लिए बचाव टिप्स
अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण से प्रेरित 10 टिप्स:
- स्मोक डिटेक्टर लगवाएं।
- फायर एक्सटिंग्विशर हर फ्लोर पर।
- इलेक्ट्रिकल वायरिंग चेक कराएं।
- गैस लीक टेस्ट।
- बच्चों को STOP, DROP, ROLL सिखाएं।
- आपातकालीन एग्जिट क्लियर रखें।
- मोबाइल चार्जिंग सावधानी से।
- दीये-मोमबत्ती सोने से पहले बुझाएं।
- मॉक ड्रिल मासिक।
- हेल्पलाइन नंबर नोट करें।
अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा
सेंट Mary स्कूल का ये प्रयास चक्रधरपुर के सभी स्कूलों के लिए मिसाल है। मधुसुदन ट्रस्ट की पहल से साबित हुआ कि जागरूकता जीवन बचाती है। प्राचार्या खुशबू कुमारी ने सही कहा – ये कार्यक्रम जीवन रक्षक हैं। अग्निशमन विभाग से अपील: हर स्कूल में सालाना ड्रिल हो।
अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण ने चक्रधरपुर के बच्चों को नई ताकत दी। सेंट Mary स्कूल और मधूसुदन महतो टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज को सलाम। आग से बचाव सीखें, जीवन बचाएं। सभी स्कूल इसकी नकल करें। सुरक्षित रहें, जागरूक रहें!
इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आग लगने की स्थिति में सतर्क रहने तथा सही कदम उठाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का नेतृत्व अग्निशामक प्रभारी आर. के. चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं अग्निशमन प्रतिनिधि आर. पी. यादव ने अग्नि सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने भी अपनी जिज्ञासाओं के समाधान हेतु प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया।

अग्निशमन टीम के सदस्य एमएम सिंह और अमन कुमार ने डेमो के माध्यम से यह समझाया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से कार्य करना, समय पर सही निर्णय लेना और नुकसान को कम करने के उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान विद्यार्थियों ने मॉक ड्रिल अभ्यास भी किया, जिससे उन्हें आपातकालीन स्थिति में व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस मौके पर सेंट Mary स्कूल एवं एमएमटीटीसी की प्राचार्या खुशबू कुमारी ने अग्निशमन विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं जीवन रक्षक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में एचओडी डॉ. शिव प्रसाद महतो, व्याख्याता नीतीश कुमार दास, अनिल प्रधान,गणेश कुमार, नीतीश प्रधान,सोशन डाहांगा , विष्णु कुमार सहित कॉलेज के अन्य व्याख्याताओं एवं विद्यालय के समस्त शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही।











