- चाईबासा में तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न —
पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा । प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज के निर्देशानुसार आज ए.एन.एम प्रशिक्षण स्कूल, चाईबासा सभागार में “तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के 15 प्रखंडों के कुल 32 नवनियुक्त MPW (मल्टी पर्पस वर्कर) ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था — “समाज में तम्बाकू की बढ़ती चुनौती और उससे निपटने के उपाय” पर गहन चर्चा करना।
कार्यक्रम का संचालन जिला तम्बाकू नियंत्रण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता अनूप बागे ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में “तम्बाकू की लत एवं तम्बाकू में निर्भरता” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि तम्बाकू की लत एक शारीरिक और मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति तम्बाकू का सेवन बंद नहीं कर पाता, चाहे इसके परिणाम कितने भी गंभीर क्यों न हों। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य प्रदाता या काउंसलर की एक छोटी सलाह भी किसी व्यक्ति को तम्बाकू छोड़ने में बड़ी मदद कर सकती है।
तम्बाकू छुड़ाने की रणनीति
अनूप बागे ने प्रतिभागियों को तम्बाकू छोड़ने की 5A रणनीति (Ask, Advise, Assess, Assist, Arrange) और 5R सिद्धांत (Relevance, Risk, Rewards, Repetition, Roadblocks) के बारे में जानकारी दी, जो लोगों को तम्बाकू की लत से मुक्त करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होती है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष विश्वभर में लगभग 60 लाख लोग तम्बाकू सेवन के कारण मृत्यु का शिकार होते हैं, जिनमें से करीब 50% लोग कैंसर से प्रभावित होते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड राज्य में तम्बाकू उपभोक्ताओं की संख्या राष्ट्रीय औसत से अधिक है, और यह चिंता का विषय है।
कोटपा अधिनियम और निवारण केंद्र की जानकारी
कार्यक्रम में जिला परामर्शी सुश्री मुक्ति बिरुआ ने कोटपा अधिनियम 2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सदर अस्पताल, चाईबासा में स्थित तम्बाकू निवारण केंद्र की सुविधाओं से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति तम्बाकू की लत छोड़ना चाहते हैं, वे टोल फ्री नंबर 1800-11-2356 पर संपर्क कर निःशुल्क परामर्श और उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
शपथ और समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने तम्बाकू सेवन नहीं करने की शपथ ली और समाज में इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला NCD (गैर-संचारी रोग) विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।














