
बर्लिन में भारतीय समुदाय से संवाद, 3 लाख प्रवासियों की सराहना
Berlin: Rajnath Singh ने 21 अप्रैल 2026 को जर्मनी दौरे के पहले दिन बर्लिन में भारतीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए उन्हें भारत और जर्मनी के बीच “सबसे मजबूत सेतु” बताया। उन्होंने जर्मनी में रह रहे लगभग 3 लाख भारतीयों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समुदाय व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और कला जैसे कई क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रहा है।

“अब दुनिया भारत की बात ध्यान से सुनती है” – Rajnath Singh
रक्षा मंत्री ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में आज भारत की वैश्विक पहचान और प्रभाव पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को अनदेखा किया जाता था, लेकिन अब पूरी दुनिया भारत की आवाज को गंभीरता से सुनती है।
उन्होंने जर्मनी में बसे भारतीयों से अपील की कि वे वैश्विक मंच पर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

75 साल के रिश्ते: विश्वास और साझा मूल्यों की नींव
Germany के साथ भारत के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह साझेदारी विश्वास, आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से कहा कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करें।
आत्मनिर्भर भारत और तेज़ विकास की चर्चा
रक्षा मंत्री ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने “आत्मनिर्भर भारत” की परिकल्पना को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य घरेलू क्षमताओं को बढ़ाना, विनिर्माण को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
प्रवासी भारतीयों को सुरक्षा और समर्थन का भरोसा
उन्होंने दुनिया भर में रह रहे भारतीयों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार उनके समर्थन और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने बर्लिन में मिले उत्साहपूर्ण स्वागत को भारत-जर्मनी के मजबूत और विकसित होते संबंधों का प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री का यह दौरा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का भी संदेश लेकर आया। भारतीय प्रवासी समुदाय को “सशक्त सेतु” बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाई देने में प्रवासियों की भूमिका निर्णायक होगी।















