जमशेदपुर । शहर में ऑटो चोरी का आतंक मचाने वाले खतरनाक गिरोह का कदमा थाना पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 7 चोरी के टेंपो, 16 नंबर प्लेट, 2 फर्जी आरसी कार्ड और चोरी में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक उपकरणों का जखीरा बरामद किया है।
कैसे टूटा गिरोह का नेटवर्क
कुछ दिनों पहले दर्ज हुई शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के तीनों सदस्य — मो. रईस, शौकत अली और मो. असगर को धर दबोचा गया।

गिरोह का काम करने का खतरनाक तरीका
- शौकत अली शहर और आसपास के जिलों में टेंपो चोरी करता था।
- मो. रईस चोरी किए गए वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ कर फर्जी आरसी तैयार करता और फिर गाड़ियां बेच दी जाती थीं।
- चोरी के टेंपो को 70 से 80 हजार रुपये में बेचा जाता था।
- रईस का कपाली स्थित ऑटो गैरेज चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स को अलग-अलग कर बेचने का अड्डा बना हुआ था।
बरामद खतरनाक सामान
पुलिस ने आरोपियों से चोरी के औजार जैसे जैक, ब्लोअर, ब्रेक ड्रिल, कटर मशीन, पाना, रेगुलेटर, ड्रिल मशीन और कई धारदार उपकरण बरामद किए हैं।

शहर से लेकर जिलों तक फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि रांची, सरायकेला और अन्य जिलों में भी टेंपो चोरी की बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

पुलिस की बड़ी कामयाबी
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आएंगे। पुलिस का मानना है कि इस गैंग के पर्दाफाश के बाद शहर में बढ़ रही ऑटो चोरी की वारदातों पर लगाम लगेगी।
यह कार्रवाई पुलिस के लिए न सिर्फ बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि अपराधियों के खौफनाक खेल का परदाफाश भी है।














