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Kharsawan Polytechnic Controversy: प्रचार्य के खिलाफ साजिश, ऑडियो से खुली शिक्षक की योजना

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On: July 22, 2025 10:34 PM
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प्रचार्य के खिलाफ साजिश, ऑडियो से खुली शिक्षक की योजना वायरल ऑडियो से खुली शिक्षक की योजना
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खरसावां, झारखंड: राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, खरसावां में बीते कुछ दिनों से चल रहे विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप ने इस पूरे मामले की परतें खोल दी हैं, जिसमें छात्रों को ढाल बनाकर प्रचार्य के खिलाफ साजिश रचने का आरोप शिक्षक उत्तम कुमार पर लगा है।

कैसे मिला सबुत ?

विश्वसनीय सूत्रों और छात्रों की गुप्त स्वीकारोक्ति के अनुसार, शिक्षक उत्तम कुमार ने जानबूझकर छात्रों को आंतरिक परीक्षा से अनुपस्थित कर फेल करने की रणनीति अपनाई। इसके बाद उसी स्थिति का लाभ उठाकर प्रचार्य उमेश कुमार पर आरोप मढ़े गए कि उन्होंने छात्रों को फेल किया।

इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य प्रचार्य की छवि खराब करना और संस्थान में अनुशासनात्मक सुधार को रोकना बताया जा रहा है।

जांच में क्या सामने आया?

जांच कर रही एसडीओ निवेदिता नियति जब कॉलेज पहुंचीं, तो हैरानी की बात यह रही कि शिकायत करने वाले छात्र वहां मौजूद ही नहीं थे। अब एसडीओ व्यक्तिगत रूप से छात्रों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कोई भी छात्र खुलकर सामने नहीं आ रहा है।

शिक्षक की भूमिका पर गंभीर सवाल

बताया जाता है कि उत्तम कुमार पिछले 20 वर्षों से कॉलेज में अस्थायी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। प्रचार्य उमेश कुमार के योगदान के बाद उन्हें नियमित कक्षाएं लेने और प्रयोगशाला संचालन का निर्देश दिया गया। यहीं से असहमति और टकराव की शुरुआत हुई, जो अब इस रूप में सामने आई है।

जानें क्या है मामला

  1. प्राचार्य पर छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप, इस मामले पर विधायक दशरथ गागराई ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात, प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार ने लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा की, सभी आरोप बेबुनियाद है। – https://www.thenewsframe.com/government-polytechnic-kharsawan-principal-dr/
  2. राजकीय पॉलिटेक्निक खरसावां के परीक्षा नियंत्रक की करामात अटेंडेंस शीट पर छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर करवा कर लगाए प्राचार्य पर आरोप।https://www.thenewsframe.com/allegation-the-controller-of-examinations-of-go/

संदेश और निष्पक्ष दृष्टिकोण

यह मामला शिक्षा जगत के लिए एक चिंताजनक संकेत है कि व्यक्तिगत मतभेद और कार्य के प्रति अनिच्छा किसी शिक्षक को इस हद तक ले जा सकती है कि वह छात्रों को मोहरा बना दे। यह केवल संस्था नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक वातावरण को प्रदूषित करता है।

छात्रों को यह समझना चाहिए कि वे किसी भी शिक्षक या अधिकारी की राजनीति का हिस्सा न बनें। शिक्षा का उद्देश्य विवाद नहीं, विकास है।
शिक्षकों को भी यह याद रखना चाहिए कि उनका दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। अगर वे स्वयं साजिशों में लिप्त हो जाएं, तो विद्यार्थी किस दिशा में जाएंगे?

प्रशासन से उम्मीद है की दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई शिक्षक या कर्मचारी शिक्षा के मंदिर को राजनीति का मंच न बना सके।

“शिक्षक का धर्म केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि प्रेरणा देना भी है। साजिशें अगर शिक्षण संस्थानों में पनपेंगी, तो पीढ़ियाँ अंधेरे में चली जाएंगी।”

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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