नई दिल्ली, 14 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत सरकार ने देश में ईंधन, LPG और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर जनता को भरोसा दिलाया है कि किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर LPG सिलेंडर की बुकिंग न करें और एजेंसियों पर भीड़ से बचने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
राष्ट्रीय मीडिया केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित चौथे अंतर-मंत्रालयीय संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले 11, 12 और 13 मार्च को भी इसी तरह के संवाददाता सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।
ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी तेल शोधन संयंत्र उच्च क्षमता से काम कर रहे हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए इनका आयात करने की आवश्यकता नहीं है। तेल विपणन कंपनियों को भी किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी से बचें क्योंकि देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह नियमित है।
LPG को लेकर सरकार की खास तैयारी
सरकार ने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी की मांग में अचानक वृद्धि देखी गई है। आम दिनों में जहां एलपीजी सिलेंडर की औसत दैनिक बुकिंग लगभग 55.7 लाख होती है, वहीं हाल ही में यह बढ़कर 88.8 लाख तक पहुंच गई है।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है और वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति मिलती रहे।
इसी उद्देश्य से तेल रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि भी की गई है।
LPG सिलेंडर की बुकिंग- डिजिटल को बढ़ावा
सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। उपभोक्ता निम्न माध्यमों से आसानी से घर बैठे बुकिंग कर सकते हैं:
- आईवीआरएस कॉल
- एसएमएस
- व्हाट्सएप
- तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप
- ऑनलाइन पोर्टल
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में देश में लगभग 84 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग डिजिटल माध्यमों से ही हो रही है। सरकार चाहती है कि यह संख्या और बढ़े ताकि एलपीजी एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। कई राज्यों में इस संबंध में कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर:
- उत्तर प्रदेश में 1,483 स्थानों पर निरीक्षण किए गए।
- 24 प्राथमिकी दर्ज की गईं।
- 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा और कर्नाटक सहित कई राज्यों में छापेमारी की गई है। तेल कंपनियों ने भी लगभग 1300 एलपीजी वितरक इकाइयों का निरीक्षण किया है।
समुद्री मार्ग से एलपीजी आपूर्ति जारी
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दो भारतीय एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं।
इन जहाजों के
- 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह
- 17 मार्च को कांदला बंदरगाह
पर पहुंचने की संभावना है।
मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज मौजूद हैं जिनमें 611 भारतीय नाविक सवार हैं और सभी सुरक्षित हैं।
भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा
सरकार ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। पोत परिवहन महानिदेशालय ने पिछले 15 दिनों में लगभग 2737 कॉल और 4900 ईमेल का जवाब दिया है।
अब तक लगभग 1300 नाविकों और उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र से 30 नाविकों को भारत वापस लाया गया, जिससे स्वदेश लौटने वालों की कुल संख्या 253 हो गई है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत लगातार सभी प्रमुख देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है, जिनमें खाड़ी सहयोग परिषद के देश, ईरान, अमेरिका और इज़राइल शामिल हैं।
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री भी ऊर्जा सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री आवागमन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद कर रहे हैं।
उर्वरक भंडार पर्याप्त
सरकार ने किसानों को भी भरोसा दिलाया है कि आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
- यूरिया का भंडार पिछले वर्ष से अधिक है
- डीएपी का स्टॉक लगभग दोगुना है
- एनपीके उर्वरकों की उपलब्धता भी पर्याप्त है
सरकार ने कहा कि घरेलू उत्पादन और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था के जरिए किसानों को किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
ब्रिक्स देशों के बीच चर्चा जारी
पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर ब्रिक्स देशों के बीच भी चर्चा जारी है। भारत इस समय ब्रिक्स का अध्यक्ष देश है और साझा रुख बनाने के लिए सदस्य देशों के साथ परामर्श कर रहा है। इस प्रक्रिया में रूस सहित अन्य साझेदार देशों के साथ उच्च स्तर पर कूटनीतिक बातचीत चल रही है।
फर्जी खबरों से सावधान रहने की अपील
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर एआई आधारित वीडियो और भ्रामक संदेशों के जरिए गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों और विश्वसनीय माध्यमों पर ही भरोसा करें।
मंत्रालय ने मीडिया से भी अपील की है कि वह सत्यापित जानकारी ही प्रसारित करे ताकि जनता में अनावश्यक घबराहट न फैले।
सरकार की अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में एलपीजी या ईंधन की खरीदारी न करें और सामान्य रिफिल चक्र के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन, एलपीजी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।









