गिरिडीह से चन्दन प्रसाद की ख़ास रिपोर्ट
गिरिडीह : गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड में आज देशसेवा की राह चुनने वाले होनहार युवाओं के लिए गर्व और सम्मान का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। Staff Selection Commission (SSC) द्वारा आयोजित GD परीक्षा में सफलता प्राप्त कर Central Reserve Police Force (CRPF), Border Security Force (BSF), Sashastra Seema Bal (SSB), Indo-Tibetan Border Police (ITBP), Central Industrial Security Force (CISF) और Assam Rifles जैसी प्रतिष्ठित सुरक्षा बलों में चयनित युवाओं के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया।
यह आयोजन केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभा, संघर्ष और देशभक्ति की भावना का उत्सव बन गया।
प्रतिभा, परिश्रम और देशसेवा का संगम
इस वर्ष SSC GD परीक्षा के तहत देशभर में हजारों पदों पर भर्ती हुई, जिसमें गिरिडीह के युवाओं ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। समारोह में चयनित अभ्यर्थियों के साथ उनके माता-पिता एवं गुरुजनों को भी सम्मानित किया गया — यह दृश्य भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा।
मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में शामिल रहे:
- SDPO Rajendra Prasad
- जमुआ थाना प्रभारी Vibhuti Dev
- प्रखंड विकास पदाधिकारी Amal
- प्रमुख प्रतिनिधि Sanjeet Yadav
- भाजपा नेता Parmeshwar Yadav
- केंदुआ पंचायत मुखिया प्रतिनिधि Ranjit Mandal
सभी अतिथियों ने चयनित युवाओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संदेश
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा:
“यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सबसे बड़ा अवसर है। आप सभी युवाओं ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भी देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई जा सकती है। आप आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।”
चयनित अभ्यर्थियों की भावनाएँ
नवनियुक्त जवानों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत को दिया। कई अभ्यर्थियों की आँखें सम्मान पाकर नम हो उठीं।
कार्यक्रम की सफलता में अहम योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में केंदुआ मुखिया प्रतिनिधि रंजीत मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने युवाओं में जोश और आत्मविश्वास भरते हुए कहा कि “गांव के बच्चे अब सीमाओं की रक्षा करेंगे, इससे बड़ा गर्व कुछ नहीं।”
विशेष बात
यह समारोह सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दिया गया कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं, बल्कि मेहनत की ताकत ही असली पहचान है।
गिरिडीह का यह सम्मान समारोह साबित करता है कि आज ग्रामीण भारत का युवा न केवल सपने देख रहा है, बल्कि उन्हें पूरा भी कर रहा है। SSC GD में चयनित ये युवा अब देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे — और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है।













