आदित्यपुर: World प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, आदित्यपुर में छात्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कॉलेज के इको क्लब और रोटरैक्ट क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा ई-वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का आयोजन 28 जुलाई 2026 को कॉलेज के मल्टीपर्पस हॉल में किया गया, जहां पर्यावरण संरक्षण, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो द्वारा मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन का स्वागत कर की गई। इसके बाद इको क्लब एवं रोटरैक्ट क्लब की कोऑर्डिनेटर श्रीमती रेखा कुमारी गोप ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। विद्यार्थियों को शुरुआत से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना आवश्यक है ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेषज्ञ ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ई-लॉजिक्स (ELogix) के सह-संस्थापक श्री अर्जुन सिंह गिल ने विद्यार्थियों को ई-वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरणीय स्थिरता (Sustainability) के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, प्रिंटर, चार्जर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब अनुपयोगी हो जाते हैं तो वे ई-वेस्ट का हिस्सा बन जाते हैं। यदि इनका वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया जाए तो इनमें मौजूद विषैले रसायन मिट्टी, जल और वायु को गंभीर रूप से प्रदूषित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट को खुले में फेंकना या जलाना पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत हानिकारक है।
रीसाइक्लिंग ही ई-वेस्ट की सबसे प्रभावी समाधान
श्री अर्जुन सिंह गिल ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ई-वेस्ट का सबसे प्रभावी समाधान उसका रीसाइक्लिंग और सुरक्षित प्रसंस्करण है।
उन्होंने कहा कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई बहुमूल्य धातुएं और अन्य उपयोगी सामग्री दोबारा प्राप्त की जा सकती हैं, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी होता है और प्रदूषण भी कम होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कूड़े में फेंकने के बजाय अधिकृत ई-वेस्ट संग्रह केंद्रों तक पहुंचाएं।
छात्रों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश
मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि आने वाला भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है। यदि आज से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जाए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने छात्रों को अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी ई-वेस्ट के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) के महत्व पर भी विशेष चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि तेजी से बढ़ते तकनीकी उपयोग के कारण हर वर्ष बड़ी मात्रा में ई-वेस्ट उत्पन्न हो रहा है। यदि इसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन नहीं किया गया तो भविष्य में यह गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकता है।
इसी कारण प्रत्येक व्यक्ति को ई-वेस्ट के सुरक्षित निपटान और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
छात्रों ने उत्साहपूर्वक किया सहभागिता
जागरूकता सत्र पूरी तरह इंटरैक्टिव रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग प्रक्रिया, पर्यावरण प्रदूषण तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित निपटान से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।
मुख्य वक्ता ने छात्रों के सभी सवालों का सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया, जिससे विद्यार्थियों को विषय को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी जागरूक और संवेदनशील है।
कार्यक्रम का सफल संचालन
कार्यक्रम का संचालन श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के रोटरैक्ट क्लब की प्रेसिडेंट एवं बी.एड. की छात्रा रोशनी कुमारी ने किया।
उन्होंने पूरे कार्यक्रम को प्रभावशाली ढंग से संचालित करते हुए अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति कॉलेज की सराहनीय पहल
श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन द्वारा आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि छात्र-छात्राओं में सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।
World प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित “ई-वेस्ट मैनेजमेंट” जागरूकता सत्र ने छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निपटान, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। ई-लॉजिक्स के सह-संस्थापक श्री अर्जुन सिंह गिल द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों ने विद्यार्थियों को न केवल जागरूक किया बल्कि उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी। श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन की यह पहल सतत विकास और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
















