झारखंड: Jharkhand सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में झारखंड मंत्रालय, रांची में परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह संस्थान झारखंड के युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और राज्य में सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे झारखंड के परिवहन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।
परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षित और कुशल परिवहन व्यवस्था किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होती है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स लिमिटेड के सहयोग से बनने वाला IDTR अत्याधुनिक तकनीक, आधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाओं से लैस होगा। यहां प्रशिक्षित चालक न केवल झारखंड बल्कि देश और विदेश में भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति विकसित करने और प्रशिक्षित चालकों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने लाभुकों से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के लाभुकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने लाभुकों से आवेदन की प्रक्रिया, लाइसेंस मिलने में लगने वाले समय और आने वाली कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी नागरिक को लाइसेंस बनवाने में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी सरल, पारदर्शी और समयबद्ध
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया, ताकि परिवहन क्षेत्र से जुड़े युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
10 हजार से अधिक लोगों को मिला ड्राइविंग एवं लर्निंग लाइसेंस
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा आज 10 हजार से अधिक नागरिकों को ड्राइविंग एवं लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने इसे परिवहन सेवाओं को जनोन्मुखी, पारदर्शी और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक को निर्धारित समय सीमा के भीतर ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना है।
महिलाओं को मिलेगा समान अवसर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा।
सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक महिलाएं ड्राइविंग सीखकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करें तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
IDTR की स्थापना के बाद झारखंड के युवाओं को अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
संस्थान में आधुनिक ड्राइविंग तकनीक, सड़क सुरक्षा, वाहन संचालन, ट्रैफिक नियम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रशिक्षित चालकों की मांग पूरी होगी और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
सड़क सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित चालक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था से सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति विकसित होगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों का जीवन सुरक्षित होगा।
IDTR में सड़क सुरक्षा से जुड़े आधुनिक प्रशिक्षण मॉड्यूल भी शामिल किए जाएंगे।
टाटा मोटर्स के सहयोग से विकसित होगा आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा मोटर्स लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी के सहयोग से बनने वाला यह संस्थान झारखंड के लिए गर्व की बात है।
यहां आधुनिक सिमुलेटर, तकनीकी प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षण ट्रैक और उन्नत शिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप होगी।
लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र आवेदक को पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए।

इसके साथ ही विभाग को सेवाओं में तकनीकी सुधार और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
- परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ
- विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह
- सचिव राजीव रंजन
- परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा
- पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन
- टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया
- टाटा मोटर्स के जनरल मैनेजर गोलम मंडल
- परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स के अन्य वरिष्ठ अधिकारी
Jharkhand के परिवहन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर
विशेषज्ञों का मानना है कि IDTR की स्थापना से झारखंड में ड्राइविंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा। यह संस्थान केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगार सृजन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

सरकार की यह पहल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी
परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच हुए इस MoU के साथ झारखंड ने सुरक्षित, आधुनिक और कौशल आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। जमशेदपुर में बनने वाला इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) राज्य के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर रोजगार और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश आम नागरिकों के लिए भी राहत और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

















