जमशेदपुर: बढ़ते जल संकट और भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट को देखते हुए Karim सिटी कॉलेज (मानगो कैंपस), जमशेदपुर में मानगो नगर निगम की ओर से Rain Water Harvesting (वर्षा जल संचयन) विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्षा जल के संरक्षण, उसके वैज्ञानिक उपयोग और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और जल संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा जल संचयन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले, तो भविष्य में पानी की कमी जैसी गंभीर समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
प्रोजेक्ट मैनेजर श्रेयांश ने बताया वर्षा जल संचयन का महत्व
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोजेक्ट मैनेजर श्रेयांश थे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वर्षा जल संचयन के महत्व, उद्देश्य और इसके व्यावहारिक लाभों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि Rain Water Harvesting एक ऐसी सरल और प्रभावी तकनीक है, जिसके माध्यम से वर्षा के पानी को एकत्रित कर भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता है। यह तकनीक न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि भूजल स्तर को बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
क्या है Rain Water Harvesting?
अपने संबोधन के दौरान श्रेयांश ने सरल भाषा में बताया कि वर्षा जल संचयन का अर्थ है वर्षा के पानी को बहकर व्यर्थ जाने से रोकना और उसे किसी टैंक, भूमिगत संरचना या रिचार्ज पिट के माध्यम से सुरक्षित करना।
उन्होंने कहा कि इस संरक्षित जल का उपयोग सिंचाई, घरेलू कार्यों, बागवानी तथा भूजल पुनर्भरण के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि शहरों में तेजी से बढ़ते कंक्रीट निर्माण के कारण वर्षा का पानी जमीन में नहीं पहुंच पाता, जिससे भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में Rain Water Harvesting एक प्रभावी समाधान बनकर उभर रहा है।
वर्षा जल संचयन के प्रमुख लाभ बताए गए
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन के अनेक लाभों की जानकारी दी गई। वक्ता ने बताया कि इस तकनीक को अपनाने से कई महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान संभव है।
भूजल स्तर में सुधार
वर्षा जल जमीन के भीतर पहुंचकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे भविष्य में पेयजल की उपलब्धता बेहतर होती है।
जल संकट से राहत
बारिश के पानी का संरक्षण करने से गर्मियों में पानी की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
मिट्टी का कटाव रोकने में सहायक
वर्षा जल संचयन के माध्यम से तेज बहाव को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे मिट्टी का कटाव कम होता है और कृषि भूमि सुरक्षित रहती है।
पर्यावरण संरक्षण
जल संरक्षण से प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बना रहता है तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा
आज किया गया जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल संसाधन सुनिश्चित करता है।
छात्रों को दिए गए व्यवहारिक सुझाव
श्रेयांश ने विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले कई व्यवहारिक उपाय भी बताए।
उन्होंने सुझाव दिया कि घरों, स्कूलों और कॉलेजों की छतों से वर्षा के पानी को पाइप के माध्यम से रिचार्ज पिट या जल संग्रहण टैंक में पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा परिसर में अधिक से अधिक पौधे लगाने और जल की बर्बादी रोकने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहलें मिलकर बड़े बदलाव ला सकती हैं।
कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों का मिला सहयोग
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रिंसिपल इंचार्ज मोहम्मद शाहनवाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में कॉलेज प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी तैयारियां सफलतापूर्वक पूरी कीं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बलराम पोद्दार, डॉ. महफूज आलम, सरफराज आलम, सोफिया निशात, फरहत नाज, दुलाल दास तथा फिरोज खान सहित अन्य शिक्षकों ने सक्रिय सहयोग दिया।

सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और समाज में भी इस संदेश को फैलाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और वर्षा जल संचयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को गंभीरता से समझा। विद्यार्थियों ने वक्ता से कई प्रश्न भी पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
छात्रों ने कहा कि वे अपने घरों और आसपास के लोगों को भी वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे तथा जल संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करेंगे।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि जल संकट आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यदि समय रहते वर्षा जल संचयन जैसी तकनीकों को व्यापक स्तर पर नहीं अपनाया गया, तो भविष्य में पेयजल की समस्या और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जल संरक्षण को केवल एक विषय न समझें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
Karim सिटी कॉलेज (मानगो कैंपस) में आयोजित Rain Water Harvesting जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। मानगो नगर निगम की इस पहल ने छात्रों को वर्षा जल संचयन के महत्व, उसके वैज्ञानिक तरीकों और पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोजेक्ट मैनेजर श्रेयांश ने जल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कॉलेज प्रशासन एवं शिक्षकों के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।













