चाईबासा: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, Students के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में चाईबासा में जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र संगठन के प्रतिनिधि और स्थानीय नेता उपायुक्त कार्यालय के समीप एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
भारी बारिश के बीच कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
मूसलाधार बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
धरने के दौरान “शिक्षा बचाओ–छात्र भविष्य बचाओ” और “युवा विरोधी नीतियां बंद करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
धर्मेंद्र सोनकर ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी एवं प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र सोनकर ने कहा कि देश का युवा केवल रोजगार ही नहीं बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की भी अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों की वर्षों की मेहनत प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है तो यह केवल परीक्षा की विफलता नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग
धर्मेंद्र सोनकर ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर प्राथमिकी दर्ज करना तथा उन्हें प्रताड़ित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उन्हें डराने या दबाने का प्रयास करना। लोकतंत्र में असहमति की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए।
रंजन बोयपाई बोले युवा देश की सबसे बड़ी ताकत
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने अपने संबोधन में कहा कि देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। उनकी मेहनत, सपनों और भविष्य की रक्षा करना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं होती रहेंगी तो युवाओं का व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा लिया जाए।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं एवं प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
- दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- शिक्षा व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों, युवाओं और नागरिकों पर दर्ज सभी प्राथमिकी एवं आपराधिक मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
- परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी सुधार लागू किए जाएं।
कई वरिष्ठ नेताओं ने किया संबोधित
धरना-प्रदर्शन का संचालन कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने दिया।
इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर दास, सन्नी सिंकु, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नितिमा बारी, पूर्व प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, उपाध्यक्ष पूर्ण चंद्र कायम, यूथ इंटक जिलाध्यक्ष सुरेश सावैयां, आरजीपीआरएस जिला संयोजक रितेश तामसोय, प्रखंड अध्यक्ष शैलेश गोप, मंजु बिरुवा तथा वरिष्ठ कांग्रेसी कैरा बिरुवा और अमृत मांझी ने भी अपने विचार रखे।
सभी वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही।
कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, चंद्र भूषण बिरुवा, सुखलाल हेम्ब्रम, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव आदित्य विक्रम तिरिया, अविनाश कोड़ाह, महिला नेत्री जम्बी कुदादा, सत्यशीला हेम्ब्रम, रजनीश बिरुवा, मालती बानरा, सुनीता सिंकु, आशा पुरती, सावित्री सिरका, सुनीता लकड़ा, मंडल अध्यक्ष अमर ज्योति गोंड, तिला तिर्की, विनीत लागुरी, राधा मोहन बनर्जी, मासुम रजा, शैली शैलेन्द्र सिंकु, सन्नी रोबर्ट, चंदन पासवान, विजय तिग्गा, मो. तस्लीम अंसारी, सचिन बिरुवा, अमित मुखी, विशाल गुड़िया, भुवनेश्वर तियू, सतीश बोदरा, सहाय लुगुन, गुलशन लागुरी, सुशांत बानरा, नारायण कुदादा, सुशील दास, केदार नाथ कालुंडिया, गणेश सोय, नंदन दास, करण सोनकर, शमीम गद्दी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग हुई तेज
धरना-प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि देश में लगातार हो रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई कर परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
चाईबासा में आयोजित “शिक्षा बचाओ–छात्र भविष्य बचाओ” धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
















