जमशेदपुर: Karim सिटी कॉलेज के मास कम्युनिकेशन विभाग के पूर्व स्टूडियो एग्जीक्यूटिव सिकंदर हयात खान (S.H. Khan) का 22 जुलाई 2026 को निधन हो गया। वे पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थे और टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में उपचाराधीन थे। उनके निधन की खबर से कॉलेज परिवार, छात्रों, पूर्व विद्यार्थियों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। उनके निधन को कॉलेज और मास कम्युनिकेशन विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
लंबे समय तक कॉलेज की सेवा की
सिकंदर हयात खान ने करीम सिटी कॉलेज के मास कम्युनिकेशन विभाग में स्टूडियो एग्जीक्यूटिव के रूप में कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने विभाग के तकनीकी विकास, स्टूडियो संचालन और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने सरल स्वभाव, कार्य के प्रति समर्पण और सहयोगात्मक व्यवहार के कारण वे छात्रों और शिक्षकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय थे। उन्होंने न केवल अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया, बल्कि विभाग की पहचान स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बीमारी के बाद हुआ निधन
जानकारी के अनुसार, सिकंदर हयात खान पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे। उनका इलाज जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में चल रहा था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद 22 जुलाई की दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की सूचना मिलते ही कॉलेज परिवार और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
कॉलेज में शोक का माहौल, कक्षाएं रहीं स्थगित
सिकंदर हयात खान के निधन के बाद करीम सिटी कॉलेज में पूरे दिन शोक का वातावरण बना रहा। कॉलेज प्रशासन ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से सभी शैक्षणिक कक्षाओं को स्थगित कर दिया।
कॉलेज प्रशासन का यह निर्णय उनके प्रति सम्मान और संस्थान में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए लिया गया। छात्रों और शिक्षकों ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
संध्या 5:00 बजे कॉलेज परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभा के दौरान सभी ने सिकंदर हयात खान के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उनकी आत्मा की शांति के लिए सामूहिक दुआ की गई तथा सभी उपस्थित लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
डॉ. बी. एन. त्रिपाठी ने व्यक्त किया शोक
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य एवं मुख्य परीक्षा नियंत्रक डॉ. बी. एन. त्रिपाठी ने सिकंदर हयात खान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कॉलेज ने एक ऐसे समर्पित और कर्मठ सहयोगी को खो दिया है, जिन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ संस्थान की सेवा की। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
डॉ. नेहा तिवारी ने याद किए उनके योगदान
मास कम्युनिकेशन विभाग की अध्यक्षा डॉ. नेहा तिवारी ने अपने संबोधन में सिकंदर हयात खान के व्यक्तित्व और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मास कम्युनिकेशन विभाग के शुरुआती दौर में विभाग को विकसित करने, स्टूडियो को व्यवस्थित करने और उसे एक नई पहचान दिलाने में सिकंदर हयात खान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनके अनुभव, मेहनत और समर्पण के कारण विभाग ने निरंतर प्रगति की। उनका यह योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद सामूहिक रूप से उनके लिए दुआ की गई और ईश्वर से उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।
यह भावुक क्षण उपस्थित सभी लोगों के लिए बेहद संवेदनशील रहा।
प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने भी जताया गहरा दुख
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने भी सिकंदर हयात खान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सिकंदर हयात खान का निधन कॉलेज परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने संस्थान के विकास में जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके कार्य और व्यक्तित्व हमेशा सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
छात्रों और सहयोगियों के दिलों में हमेशा रहेंगे जीवित
सिकंदर हयात खान केवल एक स्टूडियो एग्जीक्यूटिव नहीं थे, बल्कि वे विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, सहयोगी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व भी थे। उन्होंने तकनीकी शिक्षा को सरल बनाने और छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी कार्यशैली, विनम्र व्यवहार और समर्पण ने उन्हें हर किसी का प्रिय बना दिया। उनके निधन से कॉलेज परिवार ने एक अनुभवी सहयोगी और समाज ने एक सम्मानित व्यक्ति को खो दिया है।
करीम सिटी कॉलेज के पूर्व स्टूडियो एग्जीक्यूटिव सिकंदर हयात खान का निधन शिक्षा जगत और विशेष रूप से मास कम्युनिकेशन विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान, कार्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों को हमेशा याद किया जाएगा। कॉलेज परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित किया कि वे केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि संस्थान के अभिन्न सदस्य थे। उनकी स्मृतियां सदैव कॉलेज, उनके सहयोगियों और विद्यार्थियों के दिलों में जीवित रहेंगी।

















