मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

प्रधानमंत्री मोदी का दौरा: पहाड़पुर में जनजातीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को समर्थन

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: June 20, 2026 9:23 PM
Follow Us:
The News Frame 5
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1
  • जनजातीय संस्कृति और राष्ट्रपति के जन्मस्थान को श्रद्धांजलि

पहाड़पुर | ओडिशा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ओडिशा के पहाड़पुर पहुँचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पैतृक गाँव में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने गोसानी पीठ में पूजा-अर्चना की और स्थानीय जनजातीय परंपराओं — संथाली जाहेरा तथा हो जाहेरा — का सम्मान किया। ग्रामीण समुदाय, स्थानीय नेता और प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के साथ कुछ वरिष्ठ केंद्रीय और राज्य अधिकारी भी शामिल थे, जिन्हें सुरक्षा और व्यवस्थागत व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए देखा गया। प्रधानमंत्री ने पहाड़पुर में बिताए गए समय को अपना सौभाग्य बताया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जन्मदिन के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह गाँव केवल जन्मस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के संघर्ष, सेवा और समर्पण की जीवंत गाथा है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति की सादगी, जनसेवा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा को पूरे देश के लिए प्रेरणास्त्रोत करार दिया और उनकी दीर्घायु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि जिस मिट्टी से राष्ट्रपति उठकर देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचीं, वह मिट्टी प्रत्येक भारतीय के लिये गर्व का विषय है।

A 2
THE NEWS FRAME

THE NEWS FRAME

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की विविधता और जनजातीय संस्कृतियों के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की समृद्धि उसकी विविध सांस्कृतिक जड़ों से आती है और जनजातीय परंपराएँ उन जड़ों का अहम हिस्सा हैं। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और सांस्कृतिक संरक्षण पहलों का हवाला देते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य जारी है। प्रधानमंत्री ने स्थानीय पारंपरिक कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की और कहा कि लोक कला और संगीत युवाओं को अपनी पहचान से जोड़ने का माध्यम हैं।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य न केवल सम्मान प्रकट करना था, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और क्षेत्रीय विकास पर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना भी था। कार्यक्रम स्थल पर व्यापक सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन के व्यापक इंतजाम किए गए थे। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के आगमन पर उत्साह दिखाया और कई लोगों ने राष्ट्रपति के जीवन से जुड़ी व्यक्तिगत यादें और कहानियाँ साझा कीं, जिनमें संघर्ष और सेवाभाव की झलक मिलती है। कई समुदायिक प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रपति का सादगीपूर्ण जीवन और जनसेवा का संकल्प युवाओं के लिए प्रेरणा है।

THE NEWS FRAME

वहीं कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारवादी संगठनों ने यह भी कहा कि ऐसे दौरे महत्वपूर्ण हैं परन्तु स्थायी नीतियों और स्थानीय अधिकारों के सुदृढ़ क्रियान्वयन की आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ जमीन, जंगल और संसाधनों पर स्थानीय समुदायों के अधिकार सुनिश्चित किए जाएँ और विकास परियोजनाओं में उनकी भागीदारी निहित हो। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर संवाद जारी रहेगा और इनकी समीक्षा की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री और स्थानीय नेतृत्व ने युवा सशक्तिकरण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और शिक्षा के विस्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जहाँ जड़ें मिट्टी से जुड़ी हों और विचार आसमान छूते हों, वहाँ से राष्ट्र को नई दिशा मिलती है। पहाड़पुर की मिट्टी ने देश को एक ऐसी बेटी दी जिसने राष्ट्रपति भवन को जन-जन का घर बना दिया, उन्होंने कहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिये सामूहिक सम्मान तथा स्थानीय कलाओं के प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसके बाद दोनों नेताओं ने स्थानीय विकास योजनाओं पर आगे की कार्रवाई के संकेत दिए।

इस दौरे से स्थानीय निवासियों में उम्मीद पनपी है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में और निवेश होगा। प्रशासन ने आगामी महीनों में क्षेत्रीय परियोजनाओं और कल्याण योजनाओं की सूची साझा करने का वादा किया है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए विशेष पहल की जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से जुड़ी रहें और स्थानीय जीवन-शैली का संपूर्ण सम्मान हो।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

Untitled Design 15 8

Karim सिटी कॉलेज में नॉन-टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन ने मनाया गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का हुआ सम्मान

Untitled Design 12 6

Human वेलफेयर ट्रस्ट की पहल कपाली नगर परिषद परिसर में पानी घर का उद्घाटन आम जनता को समर्पित हुई जनोपयोगी सुविधा

Untitled Design 11 8

Jamai षष्ठी पारिवारिक प्रेम संस्कृति और आपसी सम्मान का प्रतीक : एस. एन. पाल

Untitled Design 9 7

Panchayat समिति सदस्य सुनील गुप्ता की पहल रंग लाई पोस्तो नगर में लगा नया सबमर्सिबल पंप पेयजल संकट से मिली राहत

Untitled Design 8 5

टाटा का मास्टरस्ट्रोक बिना डीजल चलेगा 55 टन का ट्रक Indian ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री में नई क्रांति की शुरुआत

Untitled Design 5 7

1 जुलाई से गांवों में लागू होगी नई village विकास व्यवस्था रोजगार आजीविका और विकास को मिलेगी नई दिशा

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied