मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

दिल्ली अग्निकांड का हीरो: रियाजुद्दीन ने दिखाया मानवता का सबसे खूबसूरत चेहरा

On: June 6, 2026 6:55 PM
Follow Us:

जब इंसानियत बनी ढाल: गद्दे बिछाकर बचाई 8 से ज्यादा लोगों की जान, 2 लाख रुपये का नुकसान, लेकिन बच गईं कई जिंदगियां

नई दिल्ली, 6 जून 2026। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बीच एक आम दुकानदार ने असाधारण साहस और मानवता की मिसाल पेश कर कई लोगों की जान बचा ली। गद्दे की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान ने बिना अपनी परवाह किए लाखों रुपये का सामान सड़क पर बिछा दिया, ताकि आग में फंसे लोग सुरक्षित नीचे उतर सकें।

बताया जा रहा है कि जिस समय आग ने बहुमंजिला इमारत को अपनी चपेट में लिया, उस समय अंदर मौजूद लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। चारों ओर धुआं फैल चुका था और बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए थे। खिड़कियों और बालकनियों से लोग मदद की गुहार लगा रहे थे। हालात इतने भयावह थे कि कई लोगों के पास ऊंची मंजिलों से नीचे कूदने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

इसी दौरान सड़क के दूसरी ओर स्थित अपनी गद्दे की दुकान से रियाजुद्दीन मंसूरी ने यह भयावह दृश्य देखा। उन्होंने तुरंत अपने बेटे अरमान के साथ मिलकर दुकान में रखे सभी गद्दे और रजाइयां बाहर निकालनी शुरू कर दीं। कुछ ही मिनटों में सड़क पर गद्दों की मोटी परत बिछा दी गई, ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को गंभीर चोट न लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक के बाद एक कई लोग ऊंचाई से नीचे कूदे और नीचे बिछे गद्दों ने उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस मानवीय प्रयास से आठ से अधिक लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।

घटना के बाद जब लोगों ने रियाजुद्दीन से उनके करीब 2 लाख रुपये के नुकसान के बारे में पूछा, तो उनका जवाब सुनकर हर कोई भावुक हो गया। उन्होंने कहा, “पैसा फिर से कमाया जा सकता है, लेकिन किसी की जान वापस नहीं लाई जा सकती। अगर मेरे गद्दों की वजह से कई लोग सुरक्षित बच गए, तो मुझे किसी नुकसान का दुख नहीं है।”

रियाजुद्दीन के बेटे अरमान ने भी बताया कि उस समय उनके मन में केवल एक ही विचार था कि किसी तरह लोगों की जान बचाई जाए। उन्होंने कहा कि इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं होता और ऐसे समय में हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी रियाजुद्दीन और उनके बेटे की जमकर सराहना हो रही है। लोग उन्हें “रियल हीरो” और “इंसानियत का सच्चा चेहरा” बता रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी उनके साहस और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है।

दिल्ली के इस दर्दनाक हादसे के बीच रियाजुद्दीन मंसूरी की कहानी यह साबित करती है कि संकट की घड़ी में मानवता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने अपने नुकसान की परवाह किए बिना जो निर्णय लिया, वह न केवल कई परिवारों के लिए जीवनदान साबित हुआ, बल्कि समाज के सामने इंसानियत की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बन गया।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment