
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर Collectorate परिसर में एक दिवसीय आम महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, अपर उपायुक्त श्री अनुराग तिवारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) श्री सुजीत बारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

आम महोत्सव का उद्देश्य जिले के आम उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना तथा उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में किसानों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने।
उपायुक्त ने स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों का बढ़ाया उत्साह
उद्घाटन के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों एवं उत्पादक समूहों द्वारा प्रदर्शित आम की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। उपायुक्त ने किसानों से बातचीत करते हुए आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने, उच्च गुणवत्ता वाले फल उत्पादन तथा बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं तथा जिले के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकते हैं।

किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे मार्केट लिंकेज प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। अब जिले के किसानों के उत्पाद स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अन्य जिलों तक भी पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों को अपनाने पर दिया गया जोर
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर गुणवत्ता के आम उत्पादन के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर पौध संरक्षण, उर्वरक प्रबंधन तथा कीट नियंत्रण संबंधी तकनीकी उपायों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से लाभुकों, बागवानी सखियों तथा मनरेगा कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वैज्ञानिक पद्धति से बागवानी को बढ़ावा मिले और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।

11 प्रखंडों के किसानों और एफपीओ ने लिया भाग
आम महोत्सव में जिले के सभी 11 प्रखंडों के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही जेएसएलपीएस से जुड़े चार किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी इस आयोजन का हिस्सा बने। किसानों ने अपने बागानों में उत्पादित विभिन्न किस्मों के स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण आमों का प्रदर्शन किया, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया।
इस आयोजन ने किसानों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के साथ-साथ नए ग्राहकों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
शहरवासियों ने किसानों से सीधे खरीदे आम
मेले में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने पहुंचकर किसानों से सीधे आम की खरीदारी की। उपभोक्ताओं को ताजे और गुणवत्तापूर्ण आम उचित कीमत पर मिले, वहीं किसानों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बिक्री का लाभ प्राप्त हुआ। इस पहल से किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा मिला तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा मिला।
1074 किलोग्राम आम की बिक्री से किसानों को मिली ₹53,700 की आय
आम महोत्सव के दौरान कुल 1,074 किलोग्राम आम की बिक्री दर्ज की गई, जिससे किसानों को ₹53,700 की आय प्राप्त हुई। यह बिक्री इस बात का प्रमाण है कि यदि किसानों को उचित बाजार और मंच उपलब्ध कराया जाए तो वे अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सफल पहल
एक दिवसीय आम महोत्सव किसानों के लिए न केवल अपने उत्पाद बेचने का मंच बना, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी भी मिली। जिला प्रशासन की यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन से किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के नियमित आयोजन की अपेक्षा जताई। जिला प्रशासन ने भी किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए इसी तरह की योजनाओं को आगे भी जारी रखने का भरोसा दिलाया।














