मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

Radio के 90 वर्ष पूर्ण होने पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में गौरव स्मृति कार्यक्रम का आयोजन

810c92dedce0cbe5e9d700a4ea327a2e
On: June 3, 2026 7:57 PM
Follow Us:
Untitled Design 6 1
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

जमशेदपुर: देश के सार्वजनिक प्रसारण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव तब आया जब Radio (ऑल इंडिया रेडियो) ने अपने गौरवशाली 90 वर्ष पूर्ण किए। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए आकाशवाणी, जमशेदपुर द्वारा नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहयोग से एक विशेष आशु भाषण (एक्सटेम्पोर स्पीच) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल आकाशवाणी की ऐतिहासिक उपलब्धियों को स्मरण किया, बल्कि युवाओं को जनसंचार के मूल्यों और जिम्मेदार मीडिया की भूमिका से भी परिचित कराया।

Headlines

A 2

भारत के विकास में Radio की भूमिका पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

कार्यक्रम का मुख्य विषय “भारत के विकास में Radio की भूमिका” रखा गया था। इस विषय पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से आए कुल 20 प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों में बताया कि किस प्रकार आकाशवाणी ने देश के दूरदराज़ क्षेत्रों तक सूचना पहुँचाने, शिक्षा के प्रसार, कृषि विकास, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण तथा सांस्कृतिक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रतिभागियों ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक डिजिटल युग में भी आकाशवाणी की विश्वसनीयता और जनसरोकार उसे अन्य माध्यमों से अलग पहचान प्रदान करते हैं। अनेक प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में आकाशवाणी के योगदान का भी उल्लेख किया।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम में Radio जमशेदपुर से कार्यक्रम प्रमुख श्री राजेश कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी श्री राकेश रमन तथा कार्यक्रम अधिशासी श्री विवेक आदित्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने आकाशवाणी के इतिहास, उसकी सामाजिक भूमिका तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

Radio लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्कृति की सशक्त आवाज़ : राकेश रमन

अपने संबोधन में श्री राकेश रमन ने कहा कि Radio केवल एक प्रसारण संस्था नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक स्मृतियों, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीवंत आवाज़ है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ दशकों में आकाशवाणी ने करोड़ों भारतीयों को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के माध्यम से जोड़ने का कार्य किया है।

उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि डिजिटल युग में संचार के अनेक विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद आकाशवाणी की विश्वसनीयता और सामाजिक प्रतिबद्धता आज भी उसे विशिष्ट बनाती है। उनके अनुसार यह संस्था भारतीय जनमानस के विश्वास की प्रतीक रही है।

दूरस्थ क्षेत्रों तक सूचना और शिक्षा पहुँचाने में अग्रणी रही है Radio राजेश कुमार राय

कार्यक्रम प्रमुख श्री राजेश कुमार राय ने अपने संबोधन में कहा कि Radio ने देश के सुदूर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक सूचना एवं शिक्षा पहुँचाने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में भी आकाशवाणी की पहचान उसकी विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनहितकारी दृष्टिकोण के कारण बनी हुई है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मीडिया के विद्यार्थियों को आकाशवाणी के कार्यों और मूल्यों से सीख लेकर जनहित आधारित पत्रकारिता को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में उपस्थित युवाओं को देखकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी युवा वर्ग इस ऐतिहासिक संचार माध्यम से गहराई से जुड़ा हुआ है।

भारतीय भाषाओं और लोक संस्कृति के संरक्षण में Radio की महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम अधिशासी श्री विवेक आदित्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि Radio ने भारतीय भाषाओं, लोक कलाओं, लोक संगीत और सांस्कृतिक विविधताओं के संरक्षण में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह संस्था केवल समाचारों का प्रसारण नहीं करती, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का भी सशक्त माध्यम रही है।

उन्होंने बताया कि Radio ने अनेक स्थानीय भाषाओं और बोलियों को मंच प्रदान कर उन्हें जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी शुभकामनाएँ

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने आकाशवाणी को 90 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि आकाशवाणी भारत की विकास यात्रा की एक महत्वपूर्ण सहभागी रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक इस संस्था ने जनजागरण और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गर्व का विषय है कि उसे इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त हुआ है।

मीडिया विद्यार्थियों के लिए आदर्श है आकाशवाणी की कार्यशैली कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पानी

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पानी ने कहा कि Radio ने सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के माध्यम से भारतीय समाज को दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मीडिया और पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए आकाशवाणी की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व एक आदर्श उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को मीडिया के इतिहास, उसके मूल्यों और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। कुलपति ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों को सम्मानित भी किया तथा विश्वविद्यालय और आकाशवाणी के बीच भविष्य में शैक्षणिक एवं व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

शिक्षकों अधिकारियों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोइज़ अशरफ, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. श्रद्धा वर्मा, डीन एकेडमिक्स अभिनव कुमार, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संकाय सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को सार्वजनिक संचार माध्यमों की ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक प्रभाव और समकालीन महत्व को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

डिजिटल युग में भी प्रासंगिक है आकाशवाणी

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और प्रतिभागियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के बावजूद आकाशवाणी की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है। आपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि परामर्श, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक संदेशों के प्रसार में आज भी आकाशवाणी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वसनीय और प्रमाणिक सूचना के स्रोत के रूप में आकाशवाणी आज भी करोड़ों लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।

प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के समापन अवसर पर आशु भाषण प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने विषय की गहन समझ और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित किया।

विजेता प्रतिभागियों की सूची

  • प्रथम स्थान – अदिना फ़ातिमा (अंग्रेजी विभाग)
  • द्वितीय स्थान – प्रतीक झा (विधि विभाग)
  • तृतीय स्थान – लक्ष्मी सतपति (पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग)

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष दीपिका कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

उपस्थित सभी लोगों ने आकाशवाणी की 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को सराहा और इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी को जिम्मेदार, निष्पक्ष और सकारात्मक मीडिया की शक्ति से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी सिद्ध हुआ।

Radio के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय जनसंचार इतिहास की एक महान संस्था को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय और आकाशवाणी जमशेदपुर के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह आयोजन युवाओं को मीडिया के मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में संचार माध्यमों की भूमिका को समझाने में सफल रहा। आकाशवाणी की यह 90 वर्षीय यात्रा भारतीय लोकतंत्र, संस्कृति, शिक्षा और विकास की कहानी का अभिन्न हिस्सा है, जो आने वाले वर्षों में भी समाज को दिशा देती रहेगी।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

Leave a Comment

Link copied