
सरिया: Badki सरिया नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी विवाह भवन इन दिनों बदहाली, अतिक्रमण और गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। जिला परिषद सदस्य अनूप पांडेय के मद से निर्मित यह भवन कभी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति माना जाता था, लेकिन अब इसकी स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। भवन परिसर में फैली गंदगी, कचरों का अंबार, जंगली लताएं और दुर्गंध ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भवन का निर्माण सार्वजनिक उपयोग और सामाजिक आयोजनों के लिए किया गया था, वह आज उपेक्षा का शिकार होकर अपनी पहचान खोता जा रहा है। नगर पंचायत कार्यालय के ठीक पीछे स्थित होने के बावजूद इसकी नियमित देखरेख नहीं होने से लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
गंदगी और अतिक्रमण के कारण बदहाल हुआ विवाह भवन
सरकारी विवाह भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि परिसर में जगह-जगह कचरा जमा हो गया था। भवन के आसपास जंगली झाड़ियां और लताएं फैल गई थीं, जिससे पूरा परिसर अस्वच्छ दिखाई देने लगा था।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा इस परिसर का उपयोग खुले में शौच के लिए भी किया जाने लगा था। इससे आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दुर्गंध और गंदगी के कारण क्षेत्र में रहना और वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया था।
स्थिति यह भी सामने आई कि कुछ वर्ष पहले इस सरकारी परिसर में मुर्गी फार्म तक संचालित किया गया था। इससे यह सवाल उठने लगे कि आखिर सरकारी संपत्ति की निगरानी और संरक्षण को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है।
नगर पंचायत कार्यालय के पीछे अब भी उपलब्ध है बड़ा खाली भू-भाग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत कार्यालय के पीछे काफी बड़ा सरकारी भू-भाग उपलब्ध है, जहां आवश्यकता पड़ने पर अन्य सरकारी भवनों और जनहित परियोजनाओं का निर्माण किया जा सकता है। लेकिन वर्तमान स्थिति के कारण इस क्षेत्र का उपयोग प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रहा है।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस क्षेत्र की नियमित सफाई और देखरेख की जाती, तो यह स्थान नगर पंचायत के लिए एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति बन सकता था। गंदगी और अतिक्रमण के कारण अब यह क्षेत्र बदहाल और उपेक्षित नजर आने लगा है।
वार्ड पार्षद संगीता कुमारी ने उठाया मुद्दा
मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्ड संख्या 3 की पार्षद संगीता कुमारी ने इस समस्या को नगर पंचायत अध्यक्ष शोभा देवी के संज्ञान में लाया। इसके बाद नगर पंचायत प्रशासन सक्रिय हुआ और बुधवार सुबह से सफाई अभियान शुरू कराया गया।
सफाई अभियान के दौरान पूरे परिसर से कचरा हटाया गया, जंगली झाड़ियों की कटाई की गई और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। नगर पंचायत की टीम ने परिसर को साफ-सुथरा बनाने के लिए कई घंटों तक अभियान चलाया।
नगर पंचायत की देखरेख में चला सफाई अभियान
बुधवार को शुरू हुए सफाई अभियान में नगर पंचायत के कई प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। अभियान के दौरान खुले में शौच करने पहुंचे कई लोगों को भी वहां से हटाया गया और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
इस मौके पर अध्यक्ष प्रतिनिधि, फागू पंडित, वार्ड प्रतिनिधि मुना प्रसाद, बिनोद ठाकुर, सफाई सुपरवाइजर गोपाल प्रसाद समेत कई लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पूरे परिसर की सफाई कराई और क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किया।
स्वच्छ सरिय, सुंदर सरिया” अभियान पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले को लेकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि एक ओर भारत सरकार “स्वच्छ भारत मिशन” और खुले में शौच मुक्त अभियान का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार कर रही है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी भवन की ऐसी स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
लोगों ने कहा कि “स्वच्छ सरिया, सुंदर सरिया” जैसे नारों के साथ नगर पंचायत को सम्मान भी मिल चुका है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। यदि नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी भवन ही गंदगी और अतिक्रमण का शिकार रहेगा, तो स्वच्छता अभियान की सफलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों ने नियमित निगरानी की मांग की
वार्ड के निवासियों ने मांग की है कि सफाई अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। लोगों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की नियमित निगरानी और साफ-सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
कई ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि विवाह भवन परिसर में नियमित सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाए और अतिक्रमण रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए। इसके अलावा, परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग उठाई गई है।
सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस पूरे मामले ने सरकारी संपत्तियों की देखरेख और संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ध्यान देता, तो सरकारी विवाह भवन की यह स्थिति नहीं होती।
सरकारी भवनों का उपयोग जनहित के लिए होना चाहिए, लेकिन लापरवाही के कारण कई बार ये संपत्तियां अतिक्रमण और गंदगी की चपेट में आ जाती हैं। बड़की सरिया का यह मामला भी प्रशासनिक उदासीनता का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
भविष्य में बेहतर उपयोग की उम्मीद
सफाई अभियान शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब इस सरकारी विवाह भवन को पुनः व्यवस्थित किया जाएगा। यदि परिसर को साफ-सुथरा और अतिक्रमण मुक्त रखा जाए, तो यह भवन फिर से सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
नगर पंचायत प्रशासन से लोगों की अपेक्षा है कि केवल सफाई अभियान चलाकर औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि इस परिसर के संरक्षण और बेहतर उपयोग के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाए।
Badki सरिया नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी विवाह भवन की बदहाल स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्था और स्वच्छता अभियान की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। अतिक्रमण, गंदगी और उपेक्षा के कारण यह भवन अपनी पहचान खोता जा रहा था, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत की पहल के बाद सफाई अभियान शुरू हुआ है।
अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन नियमित निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित करे, ताकि सरकारी संपत्तियां सुरक्षित रह सकें और जनता के उपयोग में आ सकें। “स्वच्छ सरिया, सुंदर सरिया” का सपना तभी साकार होगा जब स्वच्छता अभियान केवल नारों तक सीमित न रहकर जमीन पर भी दिखाई दे।








