
जमशेदपुर: के Mango चौक में मंगलवार को उस समय माहौल पूरी तरह जनआंदोलन में बदल गया, जब रेल यात्री संघर्ष समिति द्वारा ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के विरोध में विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान में शहर के सैकड़ों रेल यात्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय पर ट्रेन संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन पूरी तरह अनुशासित और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहा। अभियान के दौरान लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि अब रेल यात्रियों की समस्याओं को अनदेखा करना रेलवे प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा।
रेल यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या बनी ट्रेनों की लेटलतीफी
पिछले कई महीनों से टाटानगर समेत आसपास के रेल मार्गों पर ट्रेनों की देरी आम समस्या बन चुकी है। यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ रहा है। कई महत्वपूर्ण ट्रेनें लगातार देरी से चल रही हैं, जिससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और व्यवसायियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Mango चौक पर आयोजित हस्ताक्षर अभियान में लोगों ने कहा कि रेलवे यात्रियों से पूरा किराया वसूलता है, लेकिन सुविधाओं और समयबद्ध संचालन के मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा। यात्रियों का कहना है कि जब ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं तो उनकी दैनिक जिंदगी प्रभावित होती है, जरूरी मीटिंग छूट जाती है, परीक्षाएं प्रभावित होती हैं और कई बार यात्रियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
जब तक ट्रेनें समय पर नहीं चलेंगी आंदोलन जारी रहेगा
हस्ताक्षर अभियान को संबोधित करते हुए रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव और अजय कुमार ने रेलवे प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और समिति तब तक आंदोलन जारी रखेगी जब तक ट्रेनों का संचालन समय पर शुरू नहीं हो जाता।
नेताओं ने कहा कि रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यात्री खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारी तत्काल ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करें और लेट चलने वाली ट्रेनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि आम यात्रियों के अधिकारों के लिए चलाया जा रहा है। समिति का लक्ष्य केवल इतना है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समय पर रेल सेवा उपलब्ध हो।
Mango चौक बना जनआवाज का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान Mango चौक पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। राहगीरों ने भी रुककर अभियान का समर्थन किया और हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई। कई लोगों ने कहा कि वे रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं और लगातार हो रही देरी से बेहद परेशान हैं।
कुछ यात्रियों ने बताया कि कई ट्रेनें दो से तीन घंटे तक लेट चल रही हैं। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों की स्थिति और भी खराब है। इससे यात्रियों की पूरी यात्रा योजना प्रभावित हो जाती है। अभियान में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगे बड़े स्तर पर रेल रोको आंदोलन और प्रदर्शन भी किया जा सकता है।

कुलविंदर सिंह पन्नू रहे कार्यक्रम के संयोजक
इस महत्वपूर्ण अभियान के संयोजक कुलविंदर सिंह पन्नू थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पप्पू सिंह ने की। दोनों नेताओं ने कहा कि रेल यात्रियों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में रेलवे अधिकारियों को हस्ताक्षर अभियान का ज्ञापन सौंपा जाएगा ताकि यात्रियों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।
उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है। यदि रेलवे प्रशासन गंभीरता नहीं दिखाता तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी हस्ताक्षर अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।
विकास सहनी ने किया संचालन राजीव सिंह ने जताया आभार
कार्यक्रम का संचालन विकास सहनी ने किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्य और यात्रियों की समस्याओं को विस्तार से लोगों के सामने रखा। वहीं अंत में राजीव सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि लोगों की भारी भागीदारी यह साबित करती है कि रेल यात्रियों की समस्याएं अब गंभीर जनमुद्दा बन चुकी हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।
इन लोगों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और समिति सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें प्रमुख रूप से उषा यादव, नीरज सिंह, प्रवीण सिंह, मुश्ताक अहमद, लालू गौड़, दीपक गौड़, सिरिन अख्तर, विनोद सिंह, विजय सिंह, अशोक सिंह, अर्जुन यादव, अजीत सिंह, संतोष भगत, कृष्णा बेरा, सुदीप मुखर्जी, राजू सिंह, संजीव सिंह, योगेंद्र साव, अरुण श्रीवास्तव और बीरू सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।
इन सभी ने अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से संपर्क किया, हस्ताक्षर अभियान चलाया और रेल यात्रियों को जागरूक करने का कार्य किया।
रेलवे प्रशासन से यात्रियों की प्रमुख मांगें
रेल यात्री संघर्ष समिति ने रेलवे प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सभी प्रमुख ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाए
- लगातार लेट चलने वाली ट्रेनों की विशेष समीक्षा हो
- यात्रियों को ट्रेनों की सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए
- प्लेटफॉर्म पर सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए
- लंबी दूरी की ट्रेनों की निगरानी व्यवस्था मजबूत हो
- यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए
समिति का कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
रेल यात्रियों में बढ़ रहा असंतोष
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में रेल सेवा लाखों लोगों की जरूरत है। रोजाना हजारों लोग नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और इलाज के लिए ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेनों की लगातार देरी लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रही है।
यात्रियों का कहना है कि कई बार बिना सूचना के ट्रेनें घंटों लेट हो जाती हैं, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यही वजह है कि अब लोग संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
रेल यात्री संघर्ष समिति ने दी चेतावनी
समिति नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि रेलवे प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की समस्याओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
समिति ने कहा कि रेलवे को केवल राजस्व कमाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यात्रियों की सुविधा और समय की भी उतनी ही चिंता करनी चाहिए। समय पर ट्रेन संचालन रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनसमर्थन से मजबूत हो रहा आंदोलन
मानगो में आयोजित हस्ताक्षर अभियान ने यह साफ कर दिया कि रेल यात्रियों का मुद्दा अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। लोगों की भारी भागीदारी ने रेलवे प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब यात्री अपने अधिकारों के लिए संगठित हो चुके हैं।
रेल यात्री संघर्ष समिति का यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है। यदि रेलवे समयबद्ध ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो शहर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।
Mango चौक पर आयोजित रेल यात्री संघर्ष समिति का हस्ताक्षर अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि यात्रियों की पीड़ा और आक्रोश की खुली अभिव्यक्ति था। लगातार लेट हो रही ट्रेनों से परेशान लोग अब समाधान चाहते हैं। समिति ने साफ कर दिया है कि जब तक ट्रेनें राइट टाइम नहीं चलेंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जमशेदपुर के रेल यात्रियों की यह एकजुटता आने वाले समय में रेलवे प्रशासन पर बड़ा दबाव बना सकती है।








