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Britain में दिल दहला देने वाला मामला गोद लिए बच्चे की मौत ने उठाए गंभीर सवाल

On: April 29, 2026 5:17 PM
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Britain

ब्रिटेन: Britain से सामने आया यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि समाज और सिस्टम दोनों पर कई बड़े सवाल खड़े करता है। 13 महीने के मासूम बच्चे प्रेस्टन डेवी की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। जिस घर में उसे प्यार और सुरक्षा मिलने की उम्मीद थी, वहीं उसकी जिंदगी खत्म हो गई।

उम्मीद से दर्द तक का सफर

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प्रेस्टन डेवी को अप्रैल 2023 में जेमी वार्ले और उसके साथी जॉन मैकगोवान-फाजाकेर्ली ने गोद लिया था। आमतौर पर गोद लेने का मतलब होता है एक बच्चे को बेहतर जीवन देना, लेकिन यहां कहानी बिल्कुल उलट हो गई। कुछ ही महीनों में यह मासूम गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा और जुलाई 2023 में उसकी मौत हो गई।

शुरुआत में आरोपियों ने दावा किया कि बच्चा नहाते समय डूब गया था, लेकिन जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस कहानी को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।

डॉक्टरों की रिपोर्ट बेहद डराने वाली थी। बच्चे के शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों के निशान मिले। इनमें से कोई भी सामान्य दुर्घटना से नहीं लग सकती थी। मौत की वजह सांस रुकना बताई गई, जो या तो मुंह दबाने से या गले में कुछ ठूंसने से हुई।

यह साफ इशारा करता है कि बच्चे के साथ लंबे समय तक क्रूर व्यवहार किया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भयावह सच्चाई

रिपोर्ट ने 40 से ज्यादा चोटें बताईं, जो दुर्घटना से असंभव। मौत सांस नली में रुकावट से – मुंह दबाना या गले में ठूंसना।

यौन शोषण के सबूत भी मिले। लंबे समय का क्रूरता साफ। अस्पताल तीन बार ले जाया गया, कोहनी टूटी – फिर भी कोई कार्रवाई नहीं।

फोस्टर मां का गवाही और सिस्टम फेलियर

फोस्टर मां सैंड्रा कूपर ने 10 महीने पाला। अदालत में कहा: बच्चा खुशमिजाज, नींद की मामूली दिक्कत हाथ फेरने से ठीक। समस्या गोद लेने वालों में।

सोशल सर्विसेज ने संकेत नजरअंदाज किए। गोद लेने में मानसिक जांच की कमी।

आरोपी और अदालती कार्रवाई

जेमी वार्ले (मुख्य आरोपी) पर हत्या, यौन शोषण। पार्टनर पर सहयोग। दोनों निर्दोष दावा। मामला अदालत में, ट्रायल जारी।

आरोपी के मैसेज ने बढ़ाई शंका

जांच के दौरान जेमी वार्ले के कुछ मैसेज सामने आए, जो उसकी मानसिकता को दिखाते हैं। उसने अपनी बहन को लिखा था— “वो आज मरा हुआ मांस है”। एक दोस्त को उसने कहा कि वह बच्चे को पहली रात खेत में छोड़ देना चाहता था।

इन संदेशों से यह साफ होता है कि वह बच्चे से परेशान था और उसे स्वीकार नहीं कर पा रहा था। ऐसे विचार किसी भी अभिभावक के लिए बेहद चिंताजनक हैं।

पहले भी मिल चुके थे संकेत

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस घटना को रोका जा सकता था? जवाब है—शायद हां।

प्रेस्टन को तीन बार अस्पताल ले जाया गया था। एक बार उसकी कोहनी टूटी हुई पाई गई। यह एक बड़ा संकेत था कि बच्चे के साथ कुछ गलत हो रहा है। इसके बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

यह लापरवाही सिस्टम की एक बड़ी कमजोरी को उजागर करती है।

फोस्टर मां का बयान

जिस फोस्टर मां ने प्रेस्टन को जन्म के बाद 10 महीने तक संभाला था, उन्होंने अदालत में बताया कि बच्चा बहुत खुशमिजाज था। उसे सिर्फ नींद में थोड़ी परेशानी थी, जिसे आसानी से संभाला जा सकता था।

इससे यह साफ होता है कि समस्या बच्चे में नहीं, बल्कि माहौल में थी।

अदालत में मामला जारी

जेमी वार्ले पर हत्या, यौन शोषण और अन्य गंभीर आरोप लगे हैं, जबकि उसके साथी पर सहयोग करने के आरोप हैं। दोनों ने खुद को निर्दोष बताया है और मामला अभी अदालत में चल रहा है।

समाज के लिए संदेश

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।

गोद लेने की प्रक्रिया में मानसिक जांच और निगरानी बेहद जरूरी है

बच्चों से जुड़े मामलों में छोटी-छोटी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

अस्पताल और सामाजिक संस्थाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है

प्रेस्टन डेवी की मौत एक ऐसी त्रासदी है, जिसे शायद रोका जा सकता था। यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से लागू करना भी जरूरी है।

हर बच्चे को सुरक्षित और प्यार भरा माहौल मिलना चाहिए—यह सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।

Britain में गोद लिए बच्चे की मौत ने गोद लेने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रेस्टन डेवी जैसी त्रासदी दोहरानी नहीं चाहिए। समाज, सिस्टम सब जिम्मेदार। हर बच्चे को सुरक्षित माहौल दें

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