
सरिया: Harijan टोला में बीती रात शत्रुध्न मंडल की जनसभा ने क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के राज्य सदस्य शत्रुध्न प्रसाद मंडल ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर अधिकारियों से बात कर त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। शत्रुध्न मंडल को “बिजली समस्या के मसीहा” के रूप में जाना जाता है, और यह सभा उनके जनहित के प्रति समर्पण को दिखाती है। आइए, हरिजन टोला जनसभा को विस्तार से समझें – कार्यक्रम की झलक, उठी समस्याएं, नेता की भूमिका और आगे की राह।

बड़की सरैया का हरिजन टोला समस्याओं से जूझता क्षेत्र
बड़की सरैया, गिरिडीह जिले के सरिया क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण नगर पंचायत है। Harijan टोला, वार्ड संख्या 5 में स्थित, दलित समुदाय का प्रमुख बस्ती क्षेत्र है जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं। यहां बिजली कटौती, पानी की कमी, साफ-सफाई और सड़क जैसी बुनियादी समस्याएं आम हैं।
ग्रामीण इलाकों में ऐसी टोलों को अक्सर उपेक्षित रखा जाता है। Harijan टोला जनसभा जैसे आयोजन इनकी आवाज बनते हैं। झारखंड में JMM जैसे दल हमेशा ग्रामीण-दलित हितों पर फोकस करते हैं। शत्रुध्न मंडल की यह पहल क्षेत्रीय विकास को गति देगी।
जनसभा का आयोजन उत्साह और स्वागत का माहौल
बीती रात Harijan टोला में नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि के नेतृत्व में सभा हुई। शत्रुध्न मंडल का पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया गया। आसपास के इलाकों से सैकड़ों महिलाएं-पुरुष पहुंचे, जिससे माहौल जोशीला रहा। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर बताईं – खासकर बिजली, पानी और सफाई।
शत्रुध्न मंडल ने गंभीरता से सुना और तुरंत अधिकारियों से फोन पर निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान होगा। ग्रामीणों ने उनकी तत्परता की जमकर तारीफ की। यह सभा सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि एक्शन का प्रतीक बनी।
मुख्य उपस्थित सदस्य
- अजीत मंडल: वार्ड 4 सदस्य
- फागू पंडित: अध्यक्ष प्रतिनिधि
- बिनोद ठाकुर: समाजसेवी
- राजेंद्र दास, राजकुमार दास: स्थानीय नेता
- अमर दास, शंकर दास, जोधि दास: ग्रामीण प्रतिनिधि
- गौरी पांडेय, निर्मल वर्मा, विक्रांत वर्मा: महिला-पुरुष कार्यकर्ता
ये लोग क्षेत्र के गणमान्य हैं, जो एकजुट होकर विकास चाहते हैं।
उठी मुख्य समस्याएं बिजली से लेकर बुनियादी सुविधाएं
हरिजन टोला जनसभा में ग्रामीणों ने कई मुद्दे उठाए:
- बिजली कटौती: लगातार ब्रेकडाउन, लोडशेडिंग।
- पानी की कमी: नल-जल योजना ठप।
- साफ-सफाई: कचरा जमा, नालियां अवरुद्ध।
- सड़क-नाली: टूटे रास्ते, जलभराव।
- अन्य: स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य सुविधा।
शत्रुध्न मंडल ने बिजली विभाग को तुरंत निर्देश दिए। बड़की सरैया नगर पंचायत में हाल की बैठकों में भी होल्डिंग टैक्स, सफाई पर चर्चा हुई है। 15वें वित्त आयोग से 2 करोड़ मिले हैं, जिनका उपयोग इन समस्याओं के लिए हो सकता है।
शत्रुध्न मंडल की भूमिका बिजली मसीहा से जननेता
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के राज्य सदस्य शत्रुध्न प्रसाद मंडल सरिया-बड़की सरैया में सक्रिय हैं। उन्हें “बिजली समस्या के मसीहा” कहा जाता है क्योंकि उन्होंने कई गांवों में ट्रांसफॉर्मर लगवाए, लाइनें दुरुस्त कराईं। Harijan टोला जनसभा उनकी जनसंपर्क शैली दिखाती है – सीधे गांव जाकर समस्या सुनना।
JMM की विचारधारा ग्रामीण-दलित उत्थान पर आधारित है। शत्रुध्न मंडल जैसे नेता पार्टी को मजबूत करते हैं। उनकी तत्परता से ग्रामीणों में विश्वास बढ़ा है।

नेता और कार्यकर्ताओं का योगदान
| नाम | भूमिका | योगदान |
|---|---|---|
| शत्रुध्न मंडल | JMM राज्य सदस्य | समस्या समाधान, निर्देश |
| अजीत मंडल | वार्ड सदस्य | स्थानीय समन्वय |
| फागू पंडित | अध्यक्ष प्रतिनिधि | आयोजन प्रबंधन |
| बिनोद ठाकुर | समाजसेवी | ग्रामीण जुटाना |
यह तालिका टीम वर्क दिखाती है।
बड़की सरैया नगर पंचायत विकास की चुनौतियां
नगर पंचायत हाल ही बनी है। पहली बैठक में विकास मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन टेंडर घोटाले जैसे विवाद भी सामने आए। Harijan टोला जनसभा जैसे प्रयास पारदर्शिता लाएंगे। ग्रामीणों को होल्डिंग टैक्स माफी की भी मांग है।
चुनौतियां:
- धन की कमी: बजट सीमित।
- प्रशासनिक सुस्ती: अधिकारी अनदेखी।
- राजनीतिक टकराव: पार्टियां बंटीं।
- जागरूकता: ग्रामीण अधिकार न जानें।
शत्रुध्न मंडल जैसे नेता इन्हें सुलझा सकते हैं।
आगे की राह निरंतर जनसंपर्क और विकास
शत्रुध्न मंडल ने हर महीने ऐसी सभाओं का वादा किया। संभावित कदम:
- बिजली ट्रांसफॉर्मर लगाना।
- नाली-सड़क निर्माण।
- सफाई अभियान।
- स्वास्थ्य कैंप।
ग्रामीण भी सहयोग करें – टैक्स दें, शिकायत दर्ज कराएं। JMM सरकार से फंडिंग की मांग करें।
Harijan टोला में जनसभा से बड़की सरैया के ग्रामीणों को नई ऊर्जा मिली। शत्रुध्न मंडल की तत्परता सराहनीय है। बिजली-पानी जैसी समस्याएं जल्द सुलझेंगी। सभी मिलकर विकास करें – यही सच्ची सेवा। Harijan टोला उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़े!










