
झारखंड: Chaliyama (काठालडीह) गांव में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर लगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने ग्रामीणों को उनके अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूक किया। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास और पर्यावरण रक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। आज हम इसकी पूरी जानकारी, महत्व और सबकों पर बात करेंगे।

Chaliyama में शिविर का आयोजन
नामडीह प्रखंड के Chaliyama (काठालडीह) गांव में डीएलएसए सरायकेला ने यह शिविर आयोजित किया। मुख्य लक्ष्य था ग्रामीणों को विधिक अधिकारों के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना। पृथ्वी दिवस के अवसर पर यह प्रयास विशेष रूप से प्रासंगिक था।
पीएलवी शुभंकर महतो ने मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। पर्यावरण रक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे शिविर ग्रामीणों तक कानूनी जानकारी पहुंचाते हैं।
Chaliyama में ग्रामीणों को दी गई पर्यावरण जागरूकता
शिविर में ग्रामीणों को अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्लास्टिक उपयोग कम करने की प्रेरणा दी गई। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और व्यक्तिगत प्रयासों पर चर्चा हुई। प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के तरीके बताए गए।
पीएलवी ने नालसा (NALSA) योजनाओं, सरकारी स्कीमों और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी साझा की। पर्यावरण से जुड़े कानूनों जैसे वन संरक्षण अधिनियम पर प्रकाश डाला गया।
प्रमुख संदेश
विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी
ग्रामीणों को असंगठित श्रमिकों के लिए नालसा योजना 2015, पेंशन, बीमा जैसी स्कीमों के बारे में बताया गया। निःशुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी। बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध जैसे विषय भी छुए गए।
कार्यक्रम के अंत में कानूनी पुस्तिकाएं और जागरूकता पर्चियां वितरित की गईं। इससे लोग घर ले जाकर पढ़ सकेंगे।
उपस्थित लोगों की भूमिका
पीएलवी शुभंकर महतो के अलावा पीएलवी साधन महतो, दुर्गापद सिंह, बृस्पति सिंह, नीलमनी सिंह, पुजा सिंह और सुकदेव सिंह उपस्थित रहे। इनकी सक्रियता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी भी उत्साहजनक रही।
पृथ्वी दिवस का महत्व और झारखंड में पहल
पृथ्वी दिवस 1970 से मनाया जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए है। 2026 का थीम ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह’ है। झारखंड में डीएलएसए ऐसे शिविर लगाकर कानूनी साक्षरता बढ़ा रहे हैं। सरायकेला जैसे जिलों में पर्यावरण और विधि को जोड़ना अनूठा है।
डीएलएसए की अन्य गतिविधियां
Chaliyama के ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाने के उपाय
Chaliyama ग्रामीणों को शिक्षित करने के लिए शिविर, पर्चियां और हेल्पलाइन प्रभावी हैं। पंचायत स्तर पर नियमित कार्यक्रम चलें। स्कूलों में लीगल क्लब बनें। पौधारोपण को प्रोत्साहन दें।
माता-पिता बच्चों को प्लास्टिक न फेंकने सिखाएं। गांव साफ-सुथरा रखें।
Chaliyama शिविर से प्रेरणा लें। सभी प्रखंडों में ऐसे आयोजन हों। सरकार फंडिंग बढ़ाए। ग्रामीण पेड़ लगाकर योगदान दें। पर्यावरण बचेगा तो हम बचेंगे।
Chaliyama (काठालडीह) में पृथ्वी दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित होना ग्रामीणों के लिए वरदान है। इससे अधिकार और पर्यावरण दोनों की रक्षा होगी। आइए, हम सब जागरूक बनें और धरती को हरा-भरा रखें।
इस दौरान ग्रामीणों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही पीएलवी द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता, विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं नालसा (NALSA) योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
कार्यक्रम के अंत में लोगों के बीच कानूनी पुस्तिकाओं एवं जागरूकता पर्चियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर पीएलवी साधन महतो, दुर्गापद सिंह, बृस्पति सिंह, नीलमनी सिंह, पुजा सिंह एवं सुकदेव सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।














