
Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (TPSDI) ने प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में एक नया ट्रेनिंग सेंटर खोलकर अपना ग्रीन स्किलिंग फुटप्रिंट बढ़ा दिया है। ICICI फाउंडेशन के साथ साझेदारी में शुरू हुआ यह केंद्र पावर, रिन्यूएबल एनर्जी और इससे जुड़े क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को इंडस्ट्री-रिलेवेंट स्किल्स सिखाएगा। यह खबर 26 मार्च 2026 को आई, जब प्रयागराज की कमिश्नर सुश्री सौम्या अग्रवाल (IAS) और टाटा पावर के CHRO हिमाल तिवारी ने इसे संयुक्त रूप से उद्घाटित किया। आइए, इसकी पूरी डिटेल्स जानते हैं और समझते हैं कि Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट कैसे भारत के स्किलिंग मिशन को मजबूत कर रहा है।

Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट का प्रयागराज सेंटर एक नई शुरुआत
Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड पावर कंपनियों में से एक टाटा पावर का स्किलिंग आर्म है। यह नया सेंटर प्रयागराज में ICICI फाउंडेशन के साथ मिलकर स्थापित किया गया है, जो लोकल यूथ को फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स बनाने का लक्ष्य रखता है। उद्घाटन समारोह में PPGCL के CEO अशोक पांडा और TPSDI हेड अलोक प्रसाद भी मौजूद थे। यह साझेदारी Tata Power की CSR और सस्टेनेबिलिटी कमिटमेंट को दर्शाती है।
इस सेंटर में रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। जैसे कि सोलर PV इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, और एनर्जी एफिशिएंसी। कल्पना कीजिए, एक युवा जो गांव से आता है, वह यहां सीखकर सोलर पैनल लगाना सीख लेता है और फिर शहर की बड़ी कंपनियों में जॉब पा जाता है। यही तो स्किलिंग का असली जादू है!

ट्राइबल यूथ के लिए स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग बैचेस
एक खास बात यह है कि Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने ट्राइबल अफेयर्स मिनिस्ट्री के साथ मिलकर ट्राइबल यूथ के लिए स्पेशल ट्रेनिंग बैच शुरू किए हैं। इनका उद्घाटन वर्चुअली केंद्रीय ट्राइबल अफेयर्स मिनिस्टर श्री जुअल ओराम ने किया। ये बैच प्रयागराज सेंटर के अलावा ओडिशा के बलासोर, धेनकनाल, बेरहामपुर, संबलपुर, कटक, और झारखंड के मैथन व जोजोबेरा सेंटर्स में चलेंगे।
ट्राइबल इलाकों में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में यह ट्रेनिंग उन्हें Tata Power सेक्टर में एंट्री देगी। ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेशन मिलेगा, जो EPC कंपनियों, चैनल पार्टनर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स में प्लेसमेंट आसान बनाएगा। PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत भी प्रोग्राम्स चलेंगे, जो सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन पर फोकस करेंगे।
TPSDI की उपलब्धियां 4.2 लाख से ज्यादा ट्रेनीज
Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की शुरुआत से ही यह एनर्जी सेक्टर स्किलिंग में लीडर बन चुका है। अब तक 200 से ज्यादा मॉड्यूलर कोर्सेज ऑफर किए गए हैं – ग्रीन एनर्जी, पावर सिस्टम्स, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, सेफ्टी और सॉफ्ट स्किल्स जैसे डोमेन्स में। 4.2 लाख से ज्यादा लोग ट्रेन हुए हैं, जिन्होंने 1.6 मिलियन पर्सन-डे ट्रेनिंग ली। महिलाओं और अफर्मेटिव एक्शन ग्रुप्स के लोगों की हिस्सेदारी खास तौर पर सराहनीय है।
प्रयागराज सेंटर खुलने से रीजनल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लोकल टैलेंट मिलेगा। भारत की क्लीन एनर्जी महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट करते हुए सस्टेनेबल लाइवलीहुड बनेगा। टाटा पावर का मानना है कि स्किल्ड वर्कफोर्स ही देश को रेजिलिएंट एनर्जी फ्यूचर देगी।
ग्रीन स्किलिंग क्यों जरूरी है भारत के लिए?
भारत 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी का लक्ष्य रखता है। सोलर, विंड, हाइड्रो जैसी टेक्नोलॉजीज में स्किल्ड वर्कर्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट जैसे इंस्टीट्यूट्स इस गैप को भर रहे हैं। प्रयागराज जैसे शहरों में सेंटर खोलना लोकल इकोनॉमी को बूस्ट देगा। महिलाओं को ट्रेनिंग देकर जेंडर इक्वालिटी भी बढ़ेगी।
एक उदाहरण लीजिए – TPSDI के पिछले ट्रेनीज अब NTPC, अदानी ग्रीन जैसी कंपनियों में काम कर रहे हैं। वे न सिर्फ कमाते हैं, बल्कि अपने गांवों को सोलर लाइटिंग से रोशन भी कर रहे हैं। यह चेन रिएक्शन ही सस्टेनेबिलिटी का राज है।

Tata Power प्रयागराज सेंटर की ट्रेनिंग प्रोग्राम्स डिटेल में जानिए
Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के प्रयागराज सेंटर में कई कोर्सेज होंगे:
- सोलर PV इंस्टॉलेशन एंड मेंटेनेंस: सोलर पैनल कैसे लगाएं, मेंटेन रखें।
- इलेक्ट्रिकल सेफ्टी: हादसों से बचाव के तरीके।
- एनर्जी एफिशिएंसी: बिजली बचत के टिप्स और टेक्निक्स।
- PM सूर्य घर योजना स्पेशल: रूफटॉप सोलर के लिए सर्टिफाइड ट्रेनिंग।
ट्रेनिंग प्रैक्टिकल होगी, सिमुलेटर्स और रियल-टाइम प्रोजेक्ट्स के साथ। कोर्स खत्म होने पर इंडस्ट्री पार्टनर्स से प्लेसमेंट सपोर्ट मिलेगा। ट्राइबल यूथ के बैचेस में सॉफ्ट स्किल्स भी शामिल होंगे, जैसे कम्युनिकेशन और टीमवर्क।
ओडिशा और झारखंड में नई सेंटर्स का विस्तार
ओडिशा में चार नए सेंटर्स – बलासोर, धेनकनाल, बेरहामपुर, संबलपुर – ट्राइबल यूथ को टारगेट करेंगे। झारखंड के मैथन और जोजोबेरा पहले से चल रहे हैं। यह विस्तार आदिवासी इलाकों में स्किलिंग को पहुंचाएगा, जहां जॉब ऑपर्चुनिटीज कम हैं। मिनिस्टर जुअल ओराम का उद्घाटन इसकी अहमियत बताता है।
ICICI भारत की स्किलिंग चुनौतियां और TPSDI का योगदान
भारत में 50 करोड़ युवा आबादी है, लेकिन स्किल गैप की वजह से 70% अनएम्प्लॉयड हैं। एनर्जी सेक्टर में 10 लाख जॉब्स आने वाली हैं। टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने 4.2 लाख ट्रेनीज तैयार कर चुका है। महिलाओं की 30% भागीदारी और ट्राइबल्स को फोकस से यह इंक्लूसिव है।
सरकार की स्किल इंडिया, PMKAUSHAL जैसी स्कीम्स के साथ मिलकर TPSDI काम कर रहा है। प्रयागराज सेंटर उत्तर प्रदेश के एनर्जी हब बनने में मदद करेगा। लंबे समय में यह क्लाइमेट चेंज से लड़ाई में योगदान देगा।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) से कनेक्शन
यह इनिशिएटिव SDG 4 (क्वालिटी एजुकेशन), SDG 5 (जेंडर इक्वालिटी), SDG 7 (अफोर्डेबल क्लीन एनर्जी) और SDG 8 (डिसेंट वर्क) को सपोर्ट करता है। टाटा पावर की CSR स्ट्रैटजी इसी पर बेस्ड है।
Tata Power स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट का प्रयागराज सेंटर न सिर्फ ग्रीन स्किलिंग को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सस्टेनेबल करियर देगा। ICICI फाउंडेशन और ट्राइबल मिनिस्ट्री के साथ साझेदारी से यह नेशन-बिल्डिंग का उदाहरण है। भारत की क्लीन एनर्जी जर्नी में स्किल्ड टैलेंट जरूरी है, और TPSDI इसे सुनिश्चित कर रहा है। यदि आप प्रयागराज या आसपास के युवा हैं, तो ऐसे कोर्सेज जॉइन करें।










