
जमशेदपुर में Ram Navami का उत्साह चरम पर है। लाखों श्रद्धालु भगवान राम की शोभायात्रा और विसर्जन में भाग लेते हैं। इसे शांतिपूर्ण व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने प्रमुख विसर्जन घाटों का पैदल निरीक्षण किया। स्वर्णरेखा नदी, दोमुहानी, बालूघाट, बेलीबोधन, ग्रीन पार्क/डीवीसी, बागबेड़ा घाट तथा शास्त्रीनगर का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विसर्जन घाटों, शोभायात्रा मार्गों में प्रशासनिक इंतजामों और सुरक्षित विसर्जन पर संबंधित अधिकारियों व आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा, “श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्याप्त प्रकाश, साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। त्योहारों के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।” उन्होंने जोर दिया कि विसर्जन एक धार्मिक आस्था का प्रतीक है, इसे बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न कराना हमारा दायित्व।
सुरक्षा उपायों पर सख्त निर्देश बैरिकेडिंग और गोताखोर तैनाती
निरीक्षण के क्रम में सुरक्षा दृष्टिकोण से घाटों पर बैरिकेडिंग और समतलीकरण का निर्देश दिया। “किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को न्यूनतम करें,” उन्होंने कहा। घाटों को समतल बनाएं, खतरनाक गड्ढे भरें। इसके अतिरिक्त गोताखोरों और आपदा प्रबंधन टीमों को विसर्जन के दौरान अलर्ट मोड में रखने का आदेश। स्वर्णरेखा जैसे गहन जल स्रोतों में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए गोताखोरों की संख्या बढ़ाएं। लाइफ जैकेट, रस्सियां, एम्बुलेंस—सब तैयार रखें।

पहुंच पथ मरम्मत और नागरिक सुविधाएं जुस्को को आदेश
घाटों तक पहुंच पथों की स्थिति निराशाजनक पाई गई। उपायुक्त ने नगर निकाय (जेएनएसी) और जुस्को प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए: “विसर्जन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु घाटों तक के रास्तों का मरम्मत कराएं।” घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल—सभी सुविधाएं समय पर पूरी करें। जुस्को को विशेष रूप से सफाई और जल निकासी का जिम्मा सौंपा। बागबेड़ा घाट पर जलकुंभी हटाने का भी आदेश। इन इंतजामों से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सुरक्षित रहेंगे।
Ram Navami विधि व्यवस्था और यातायात पुलिस व ट्रैफिक पर फोकस
विधि व्यवस्था पर सतत निगरानी के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनाती का निर्देश। सिटी एसपी श्री कुमार शिवाशीष को शोभायात्रा मार्गों पर फोर्स लगाने को कहा। यातायात सुचारू रखने हेतु ट्रैफिक पुलिस सक्रिय रहे। भीड़-भाड़ नियंत्रण के लिए वॉचटावर, माईक सेट लगाएं। शोभायात्रा मार्ग और घाटों पर ड्रोन तथा वीडियो कैमरों से निगरानी करें। जिला परिवहन पदाधिकारी श्री धनंजय को पार्किंग जोन चिह्नित करने को कहा। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री राहुल जी आनंद जी ने भी सुझाव दिए।

आयोजकों से अपील शांतिपूर्ण सहयोग
DM ने अखाड़ा समितियों और आयोजकों से अपील की: “शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पर्व संपन्न कराएं। प्रशासन का सहयोग करें।” सरकार के निर्देशों का पालन करें—झंडा ऊंचाई, ध्वनि सीमा, रूट डायवर्जन। “श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे ऊपर है। सभी सुरक्षा उपायों को मूर्त रूप दें।” निरीक्षण के दौरान आयोजकों ने आश्वासन दिया।
प्रमुख उपस्थित पदाधिकारी और प्रभाव
निरीक्षण में उपायुक्त के अलावा सिटी एसपी श्री कुमार शिवाशीष, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्णव मिश्रा, उप नगर आयुक्त जेएनएसी श्री कृष्णा कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री धनंजय, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री राहुल जी आनंद जी, पुलिस उपाधीक्षक ट्रैफिक, पुलिस उपाधीक्षक हेडक्वार्टर, जुस्को प्रतिनिधि और आयोजन समिति सदस्य मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर योजना बनाई।

यह निरीक्षण Ram Navamiको ऐतिहासिक बनाने का आधार बनेगा। प्रशासन की सतर्कता से जमशेदपुर सुरक्षित रहेगा। जय श्री राम! जय जमशेदपुर!
निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्णव मिश्रा, उप नगर आयुक्त श्री कृष्णा कुमार, पुलिस उपाधीक्षक ट्रैफिक, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, जुस्को के प्रतिनिधि और आयोजन समिति के सदस्य शामिल थे। सभी अधिकारियों ने एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
यह निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी था कि प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। उपायुक्त की सक्रियता और नेतृत्व से यह उम्मीद की जा रही है कि इस बार Ram Navami का पर्व पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य तरीके से संपन्न होगा।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि प्रशासन की सजगता, योजनाबद्ध तैयारी और जनसहयोग से जमशेदपुर में Ram Navami का यह पर्व एक मिसाल बनेगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक समरसता का भी उदाहरण प्रस्तुत करेगा









