- तपस्वी मौनी बाबा श्री महंत मुरारी दास महाराज की पुण्यतिथि
सरिया/गिरिडीह। गिरिडीह जिला के सरिया अनुमंडल अंतर्गत राजदाह धाम परिसर में सेवा, धर्म, शक्ति और तपस्या के प्रतीक रहे तपस्वी मौनी बाबा श्री महंत श्री श्री 10008 श्री मुरारी दास महाराज की पावन पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाई गई।
इस अवसर पर महाराज के पुण्य स्मारक स्थल पर राजदाह धाम समिति के सदस्यों द्वारा भव्य श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महंत एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।
प्रातः काल विधिवत पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः आठ बजे वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ की गई। धाम समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं संतों ने महाराज के स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। आस-पास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने भी पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करते हुए महाराज के भक्ति, तप और सेवा मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
संत-महंतों की गरिमामयी उपस्थिति
पुण्यतिथि कार्यक्रम में दूर-दराज से आए कई संत-महंतों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। संतों ने अपने संबोधन में कहा कि महंत मुरारी दास महाराज का जीवन त्याग, साधना और समाज सेवा का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
श्रद्धा और आध्यात्मिकता का संगम
पूरे कार्यक्रम के दौरान राजदाह धाम परिसर भक्ति, श्रद्धा और शांति के वातावरण से ओत-प्रोत रहा। भक्तों ने फूल-मालाएं अर्पित कर महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और उनके बताए मार्गों को जीवन में अपनाने का प्रण लिया।
महंत मुरारी दास महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि सभा रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को धर्म, तपस्या और सेवा के मूल्यों से जोड़ने वाला प्रेरक आयोजन भी सिद्ध हुआ। राजदाह धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब इस बात का प्रमाण है कि महाराज की शिक्षाएं आज भी जन-जन के हृदय में जीवित हैं।













