रांची। झारखंड पुलिस ने थानों में व्याप्त अनियमितताओं को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के किसी भी थाना परिसर में प्राइवेट ड्राइवर और मुंशी की नियुक्ति नहीं होगी। डीजीपी अजय कुमार सिंह के निर्देश के बाद सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
- लंबे समय से कई थानों में पुलिस की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्राइवेट व्यक्तियों की मदद ली जा रही थी।
- थानों में बाहरी लोगों की मौजूदगी से गोपनीय जानकारी लीक होने का खतरा बना रहता था।
- कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार और पुलिस मुख्यालय ने इस पर सख्त रुख अपनाया।
- आम जनता का विश्वास भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा था।
आदेश के मुख्य बिंदु
- अब थाने में केवल अधिकृत पुलिसकर्मी ही वाहन चालक और मुंशी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- किसी भी थाना प्रभारी द्वारा आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- सभी जिलों के एसपी को आदेश लागू करने की रिपोर्ट तत्काल मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है।
आगे की कार्यवाही
- सभी थानों में ड्राइवर और मुंशी का काम अब पुलिस विभाग के जवान ही करेंगे।
- जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
- नियम तोड़ने वालों पर विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ गोपनीयता सुरक्षित होगी बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।








