
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले की प्रतिष्ठित पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा कमिटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आज जमशेदपुर में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव 2025 की तैयारियों की समीक्षा करना और आयोजन को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाना रहा।

“भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार, सुरक्षा और स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर” – दुलाल भुइयां (पूर्व मंत्री, झारखंड)
समाज में एकता और भाईचारे का संदेश
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष का दुर्गा पूजा महोत्सव भी निष्ठा, सद्भावना और सहयोग की भावना के साथ आयोजित किया जाएगा। समिति ने यह स्पष्ट किया कि आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देना है।

बैठक के प्रमुख निर्णय
- पंडाल सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रम
- इस बार पंडालों की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
- सुरक्षा व्यवस्था
- समिति ने प्रशासन से विशेष सहयोग की अपील की है।
- पंडाल और विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस बल की तैनाती की मांग की जाएगी।
- सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवकों की निगरानी से भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
- स्वच्छता और अनुशासन
- समिति ने श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
- विसर्जन जुलूस में गंगा-जमनी तहज़ीब और भाईचारे का माहौल बनाए रखने पर जोर दिया गया।
- श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
- भीड़ प्रबंधन हेतु विशेष टीम बनाई गई है।
- पीने के पानी, प्राथमिक चिकित्सा और खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था की जाएगी।

समिति की संरचना
बैठक के दौरान पदाधिकारियों की भूमिकाओं को भी स्पष्ट किया गया—
- अध्यक्ष: दुलाल भुइयां (पूर्व मंत्री, झारखंड)
- वरीय उपाध्यक्ष: शम्भू चौधरी एवं आशीष गुप्ता
- महासचिव: ललन यादव
- संयुक्त सचिव: बलदेव सिंह मेहरा, श्याम शर्मा
- कार्यकारी अध्यक्ष: तापस चटर्जी, धर्मेंद्र सोनकर
दुर्गा पूजा में होने वाली सामान्य समस्याएं और उनका निवारण
- भीड़ प्रबंधन की समस्या
- समाधान: अधिक संख्या में स्वयंसेवकों की नियुक्ति, बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश/निकास द्वार की व्यवस्था।
- ट्रैफिक जाम
- समाधान: प्रशासन से मिलकर वैकल्पिक मार्ग और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती।
- सुरक्षा खतरा (चोरी, झगड़ा या हादसा)
- समाधान: हर पंडाल पर सीसीटीवी कैमरे, महिला-पुरुष अलग सुरक्षा टीम, 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग।
- स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
- समाधान: नगर निगम की मदद से नियमित सफाई, पंडालों के आसपास डस्टबिन और विसर्जन के लिए इको-फ्रेंडली व्यवस्था।
- बिजली और रोशनी की समस्या
- समाधान: बिजली विभाग से पूर्व समन्वय, जेनरेटर और इनवर्टर की बैकअप सुविधा।
- स्वास्थ्य आपात स्थिति
- समाधान: एंबुलेंस, मेडिकल टीम और नजदीकी अस्पतालों से समन्वय।
इस बार पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा कमिटी का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता का संदेश फैलाना है। समिति ने उम्मीद जताई है कि मां दुर्गा की कृपा से यह महोत्सव भव्यता और शांति के साथ संपन्न होगा।







































