परसुडीह, जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र के हलुदबनी आश्रमपाड़ा में अंधविश्वास और डायन प्रथा के नाम पर हुई हिंसा का मामला सामने आया है। 25-26 जुलाई की रात को पड़ोसियों और अन्य लोगों ने मिलकर नागेश्वर जेना नामक व्यक्ति को “ओझा-गुणी” कहकर बेरहमी से पीट दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के संबंध में नागेश्वर जेना की पत्नी कोनिका जेना ने परसुडीह थाना में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर थाना कांड संख्या 92/25, दिनांक 26/07/2025 को मामला दर्ज किया गया है। इसमें कुल 8 धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज हुआ है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (BNS 2023) की धाराएं और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 की धारा 6 शामिल हैं।
गिरफ्तारी की गई
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल मुख्य अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है:
1. राहुल पानि (उम्र 32 वर्ष), पिता – बिकाश रंजन पानि
2. सौरभ पानि (उम्र 25 वर्ष), पिता – सितांशु पानि
- दोनों का स्थायी पता – रन्दुआ, थाना बेलियाबेड़ा, जिला झाड़ग्राम (पश्चिम बंगाल)
- वर्तमान पता – हलुदबनी आश्रमपाड़ा, परसुडीह, पूर्वी सिंहभूम
जांच टीम में शामिल पदाधिकारी
- अविनाश कुमार – पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, परसुडीह थाना
- अरविंद कुमार – सहायक उप निरीक्षक, परसुडीह थाना
- हिरालाल तुबिद – सहायक उप निरीक्षक, परसुडीह थाना
- रितेश कुमार – सहायक उप निरीक्षक, परसुडीह थाना
परसुडीह थाना के साथ सशस्त्र बल की भी तैनाती की गई थी
कानूनी धाराएं जिनके तहत केस दर्ज: BNS 2023 की धारा: 331(6), 115(2), 126(2), 127(2), 74, 352, 324(2), 3(5)
डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 की धारा 6
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि समाज में अंधविश्वास और कुप्रथाएं अब भी मौजूद हैं और इन्हें समाप्त करने के लिए कानून, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के मामलों में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: The News Frame | अपराध विशेष













