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पाकुड़: आदिवासियों को छीनी जमीन पर वापस कब्जा दिलवाएंगे, घुसपैठियों को संथाल परगना से बाहर निकाल फेंकेंगे: चम्पाई सोरेन

On: October 3, 2024 8:14 PM
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पाकुड़ के मांझी परगना महासम्मेलन में चम्पाई सोरेन ने घुसपैठियों के खिलाफ बिगुल फूंका।

Champai Soren blew the trumpet against the intruders in the Manjhi Pargana Mahasammelan of Pakur.

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पाकुड़। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि वे संथाल परगना की धरती से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकाल कर, आदिवासियों को उनकी जमीन वापस दिलवाएंगे।

पाकुड़ के शहरकोल पंचायत अंतर्गत गोकुलपुर हाट मैदान में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित मांझी परगना महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम आदिवासी दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता से हैं, जिसने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा। लेकिन हमारा समाज किसी भी किसी के सामने घुटने नहीं टेकता। ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ पहला विद्रोह भी इसी संथाल परगना की माटी से हुआ था।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इसी धरती पर बाबा तिलका मांझी, वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो जैसे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को चुनौती दी थी, जिसकी वजह से संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम बना था।

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जिस माटी में जन्में हमारे पूर्वजों ने अपनी जमीन और आत्मसम्मान के लिए अंग्रेजों से युद्ध किया था, वहां हम किसी भी घुसपैठिए को रहने नहीं देंगे। कई गांवों का नाम गिनाते हुए उन्होंने कहा कि हम आदिवासियों को सीधा- सरल माना जाता है, लेकिन जब बात अस्तित्व की आती है तब हमारा समाज किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

आज ये घुसपैठिए हमारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, हमारी बहु-बेटियों की अस्मत खतरे में हैं तथा ऐसे दर्जनों गांव हैं जहां से आदिवासियों का नामोनिशान मिट चुका है। हमारे समाज के पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की मदद से, हमलोग बैसी बुला कर, उन सभी लोगों के मकान तथा जमीनें वापस करवाएंगे, जिन पर अभी इन घुसपैठियों का कब्जा है।

पाकुड़ में आयोजित इस महासम्मेलन में उपस्थित हजारों लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संथाल परगना कास्तकारी अधिनियम रहने के बावजूद इन गांवों से आदिवासी उजड़ गये, क्योंकि हमारी मांझी परगना व्यवस्था को कमजोर कर दिया गया। हमारा प्रयास है कि आदिवासी समाज की इस स्वशासन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाये।

मांझी परगना एवं वैसी संथाल परगना द्वारा आयोजित महासम्मेलन में भाग लेने के पहले पूर्व सीएम ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस कार्यक्रम को पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम सहित ग्राम प्रधानों ने भी संबोधित किया।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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