Tata steel ने लो-कार्बन स्टील मेकिंग को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बीजिंग के साथ करार किया
मुंबई, 17 मार्च 2026: टाटा स्टील ने सतत और पर्यावरण अनुकूल Tata steel उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बीजिंग (USTB) के साथ लो-कार्बन स्टील मेकिंग तकनीकों के विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमओयू के तहत Tata steel, टाटा स्टील रिसर्च एंड इनोवेशन लिमिटेड और यूएसटीबी की अनुसंधान टीमें मिलकर लो-कार्बन स्टील मेकिंग से जुड़े चार प्रमुख विषयों पर संयुक्त रूप से शोध करेंगी। इनमें स्क्रैप आधारित स्टील मेकिंग, Tata steel वेस्ट का उपयोग, अंतिम उत्पाद के प्रदर्शन में सुधार तथा कार्बन कैप्चर और उपयोग से जुड़ी तकनीकें शामिल हैं।
यह सहयोग यूएसटीबी की शैक्षणिक विशेषज्ञता के साथ-साथ उसकी प्रायोगिक और पायलट-स्तरीय सुविधाओं का लाभ उठाएगा, जिससे संभावित तकनीकों का परीक्षण, पायलट स्तर पर क्रियान्वयन और आगे चलकर औद्योगिक स्तर पर विस्तार संभव हो सकेगा। Tata steel के लिए यह पहल नवाचार आधारित डीकार्बोनाइजेशन के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, साथ ही यह भी दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर सहयोग और ज्ञान साझेदारी के माध्यम से ही भारी उद्योगों के लिए कम-कार्बन भविष्य का निर्माण संभव है।
इस साझेदारी पर बात करते हुए Tata steel के वाइस प्रेसिडेंट – टेक्नोलॉजी, आर एंड डी, एनएमबी और ग्रैफीन, सुबोध पांडेय ने कहा, “लो-कार्बन स्टील मेकिंग और इससे जुड़े उत्पादों का विकास आज समय की प्रमुख आवश्यकता है। Tata steel में हम लो-कार्बन स्टीलमेकिंग की वैश्विक दिशा में हो रहे परिवर्तन को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं और इस पूरी यात्रा के केंद्र में नवाचार है। यूएसटीबी के साथ इस सहयोग के माध्यम से हमारा उद्देश्य संभावनाशील विचारों को सामने लाना और ऐसी तकनीकों का संयुक्त रूप से विकास करना है, जो हमारे सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ Tata steel उद्योग के लिए अधिक स्वच्छ और दक्ष भविष्य के निर्माण में योगदान दें।”

यूएसटीबी के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. शुकियांग जियाओ ने कहा, “यूएसटीबी और Tata steel के बीच वर्षों से उत्पादक सहयोग पर आधारित एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी रही है। यह नई पहल दोनों संस्थानों के बीच घनिष्ठ संबंधों और नवाचार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है। यूएसटीबी की मेटलर्जी और मटेरियल्स साइंस में विशेषज्ञता को Tata steel की औद्योगिक क्षमता के साथ जोड़ते हुए, दोनों पक्ष अनुसंधान से प्राप्त निष्कर्षों के इंजीनियरिंग सत्यापन और उनके औद्योगिक उपयोग को और तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे।”
अकादमिक विशेषज्ञ शिनपिंग माओ ने कहा, Tata steel उद्योग का ग्रीन ट्रांजिशन वैश्विक स्टील क्षेत्र के सामने एक बड़ी चुनौती है और कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यूएसटीबी ने लो-कार्बन उत्सर्जन वाली धातुकर्म तकनीकों, सर्कुलर स्टील विकास, कार्बन कैप्चर और उपयोग जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से शोध किया है। Tata steel और यूएसटीबी के बीच यह साझेदारी लो-कार्बन Tata steel उत्पादन तकनीकों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और वैश्विक स्टील उद्योग के हरित तथा सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।”










