पटना। बिहार की राजनीति आज अचानक सुर्खियों में आ गई जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पटना पहुंचे और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे।
हेमंत सोरेन ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा –
“आज पटना में राजद अध्यक्ष और मेरे अभिभावक आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी एवं आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से मिलकर उनका हालचाल जाना। मुलाकात के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।”
सोरेन यहां “मतदाता अधिकार यात्रा” में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी मौजूद रहे।

मुलाकात के अहम पहलू
- तस्वीरों में हेमंत सोरेन हरे कुर्ते और गमछे में नजर आए, उन्होंने लालू प्रसाद यादव के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
- इसके बाद वे तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं के साथ भी गर्मजोशी से मिले।
- बैठक में राजनीतिक, सामाजिक और चुनावी मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसे आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक महत्व
महागठबंधन की मजबूती – हेमंत सोरेन की यह मुलाकात बिहार और झारखंड के बीच विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
- लालू फैक्टर – स्वास्थ्य लाभ के बावजूद लालू यादव लगातार नेताओं से मिल रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वे आगामी चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं।
- चुनाव की तैयारी – यह बैठक केवल शिष्टाचार भर नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के बीच समन्वय और रणनीतिक तालमेल को साधने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेमंत सोरेन का यह दौरा साफ संकेत है कि महागठबंधन आने वाले चुनाव में मोदी सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाने की दिशा में जुट चुका है।
साफ है कि यह मुलाकात सिर्फ हालचाल पूछने भर तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिहार-झारखंड और पूरे उत्तर भारत की राजनीति में एक नए समीकरण की ओर इशारा करती है।








