- जश्न से मातम तक: बर्थडे पार्टी में युवक की संदिग्ध मौत, पत्नी ने पांच दोस्तों पर जहर देकर हत्या का लगाया आरोप
जमशेदपुर/मानगो। एक साधारण-सी शाम, एक दोस्त की बर्थडे पार्टी और खुशियों के बीच अचानक मौत की आहट— दाईगुट्टू में रहने वाले 28 वर्षीय संजीत उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। संजीत की पत्नी ने उसके पांच दोस्तों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस रहस्यमयी मौत की असली वजह उजागर करेगी।
पार्टी में जाने के लिए दोस्त घर से बुलाने आया था
शनिवार शाम दाईगुट्टू में रहने वाले नरेन्द्र सिंह की बर्थडे पार्टी थी। संजीत के घर उसके दोस्त मोहन सिंह पहुंचे और बताया कि सभी दोस्त साथ में जा रहे हैं। संजीत टीआरएफ कंपनी में नौकरी करता था और रोज़ाना की तरह परिवार को विश्वास था कि वह पार्टी के बाद लौट आएगा। लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह मुलाकात अंतिम साबित होगी।
फोन पर मिला पहला संदेह—“तबीयत खराब हो गई है”
रात लगभग 10 बजे संजीत की पत्नी प्रियंका उपाध्याय, जो उसी समय परसूडीह में अपने मायके गई थीं, ने पति को फोन किया। कॉल नहीं उठा। फिर दोबारा फोन किया—इस बार कॉल मोहन सिंह ने उठाया। उसने बताया कि संजीत की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा। यह सुनकर परिवार को पहला शक हुआ, लेकिन असल डर तब लगा जब बताया गया कि संजीत खुद खड़ा भी नहीं हो पा रहा।
असामान्य हालत में मिला भाई को, रात में अचानक बिगड़ी तबीयत
संजीत के बड़े भाई रंजीत उपाध्याय तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर ही स्पष्ट था कि संजीत की हालत सामान्य बीमार व्यक्ति जैसी नहीं थी। वह लड़खड़ा रहा था, लगातार बेहोशी की तरफ जा रहा था और बोल नहीं पा रहा था।
किसी तरह उसे घर लाकर सुलाया गया, लेकिन रात दो बजे उसकी हालत अचानक बेहद गंभीर हो गई। परिजन उसे तत्काल टीएमएच अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने कुछ ही मिनटों में उसे मृत घोषित कर दिया।
पत्नी का गंभीर आरोप—“मेरे पति को जहर दिया गया”
संजीत की पत्नी प्रियंका उपाध्याय ने सीधे-सीधे उसके पांच दोस्तों पर जहर देने और हत्या करने का आरोप लगाया है। एफआईआर में नामजद पाँच आरोपी: मोहन सिंह, आकाश, बिजेन्द्र, तेजू, नरेन्द्र सिंह। प्रियंका का कहना है कि पार्टी में ही संजीत को कुछ ऐसी चीज़ दी गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई।
आरोपियों में दो के आपराधिक केस का इतिहास, शक और गहराया
स्थानीय लोगों के अनुसार: मोहन सिंह, तेजू पर पहले छोटू पंडित हत्याकांड में नाम आया था। हालांकि बाद में मोहन बरी हो गया, लेकिन तेजू को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इन पृष्ठभूमियों के कारण परिवार के आरोप और मजबूत होते नजर आ रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच, पुलिस ने माना—मामला संदिग्ध
मानगो थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि—
“यह मामला फिलहाल संदिग्ध लग रहा है। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगी। परिजनों के बयान पर जांच शुरू कर दी गई है।”
रविवार को टीएमएच में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया। उसी दिन दाईगुट्टू स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोहल्ले में शोक और सवाल—क्या था मौत का असली कारण?
संजीत की मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोस्तों के बीच पार्टी, अचानक बिगड़ती हालत, फोन पर संदिग्ध बातचीत, और परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोप—इन सबने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें उस पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी— क्या यह सामान्य मौत, दुर्घटना या सोची-समझी हत्या थी।













